चंद्रपुर में बाघ के हमले में दो की मौत, एक गंभीर घायल
मुंबई, 31 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में जंगल से सटे गांवों में एक ही दिन में तीन अलग-अलग स्थानों पर बाघ के हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। वन विभाग की ओर से नरभक्षक बाघ को पकडऩे की मुहिम शुरु की गई है।
वन विभाग के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि पहली घटना चिमूर तहसील के गरदापार गांव की है, जहां 55 वर्षीय सदाशिव खडसांग पर बाघ ने हमला कर दिया। इस हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दूसरी घटना सिंदेवाही तहसील के धूमनखेड़ा इलाके में हुई। यहां खेत में काम कर रहे 70 वर्षीय किसान पतरुजी मेश्राम पर बाघ ने हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं, तीसरी घटना पोम्भुर्णा तहसील के सतारा तुकुम इलाके में सामने आई। यहां 60 वर्षीय राजेश्वर सिदाम जंगल में गाय चराने गए थे, तभी बाघ ने उन पर हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए चंद्रपुर जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
लगातार हो रहे इन हमलों से किसानों और ग्रामीणों में भय का माहौल को देखते हुए वन विभाग की ओर स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा के प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। वन विभाग के अधिकारी के बताया कि सिंदेवाही तहसील के पलासगांव निवासी उषा अंकुश गुरनुले पर जानलेवा हमला करने वाले नरभक्षक बाघ को बीती रात पकड़ लिया गया है।
पकड़े गए बाघ को आगे की चिकित्सकीय जांच, उपचार और आवश्यक कार्रवाई के लिए चंद्रपुर स्थित ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर भेज दिया है।
बाघ के पकड़े जाने से आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, जिले के अन्य इलाकों में लगातार हो रहे बाघों के हमलों ने मानव-वन्यजीव संघर्ष और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

