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महापौर तावड़े का मुंबई में पानी सप्लाई सुनिश्चित करने का निर्देश

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मुंबई, 04 अप्रैल (हि.स.)। बढ़ती गर्मी के साथ ही मुंबई में पानी की मांग भी बढ़ती जा रही है। कई इलाकों में पानी की कमी देखी जा रही है। इस समस्या से निपटने के लिए मुंबई की महापौर रितु तावड़े ने तालाबों का सही प्रबंधन कर मुंबईकरों को बिना रुकावट जलापूर्ति सुनिश्चित करने के उपाय लागू करने के निर्देश दिए हैं।

पानी की सप्लाई को लेकर लोगों से मिल रही शिकायतों को देखते हुए महापौर ने मनपा के जल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मुंबई में बढ़ती आबादी की वजह से पानी की मांग लगातार बढ़ रही है। जलवायु परिवर्तन की पृष्ठभूमि में बारिश की अनिश्चितता को देखते हुए पानी प्रबंधन जरूरी हो गया है। गर्मी भी बढ़ने लगी है। पारंपरिक पानी के सोर्स को फिर से जिंदा करने, पानी के दूसरे सोर्स खोजने और लोगों की सक्रिय भागीदारी से पानी बचाने के लिए बड़े पैमाने पर कोशिश करने की आवश्यकता है। महापौर ने मुंबई के सभी पब्लिक, सरकारी और प्राइवेट कुओं और बोरहोल की अपडेटेड जानकारी तुरंत इकट्ठा करने का निर्देश दिया है। साल 2009 में कम बारिश की वजह से मुंबई मनपा ने कुओं की मरम्मत की थी और लोगों को पानी उपलब्ध कराया था। उसी आधार पर सभी कुओं की जांच की जानी चाहिए। जिन कुओं को तुरंत चालू किया जा सकता है, उन्हें प्राथमिकता के साथ शुरू करने के लिए ज़रूरी कदम उठाए जाने चाहिए।

महापौर ने निर्देश दिया है कि इन कुओं से कितना सुरक्षित पेयजल इस्तेमाल किया जा सकता है, इसकी जांच की जाए और उसी के हिसाब से योजना बनाई जाएइन कुओं का इस्तेमाल सिर्फ बागवानी या सफाई तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। महापौर ने कहा कि मुंबई में पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए प्राइवेट हाउसिंग सोसाइटियों और इंडस्ट्री सेक्टर को सहयोग करना चाहिए। सोसाइटियों को अपने इलाके में कुओं और उनकी पाइपों का रेगुलर रखरखाव, मरम्मत और सफाई करनी चाहिए। वॉटर प्यूरिफिकेशन सिस्टम लगाने चाहिए। ग्राउंडवाटर नियमों के मुताबिक लिमिट के अंदर पानी निकाला जाए। भविष्य में पानी की कमी से बचने के लिए रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पर जोर दिया जानी चाहिए।

उन्होंने घाटकोपर स्थित अपने हाउसिंग कॉम्प्लेक्स का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बारिश के पानी को रिचार्ज करने का सिस्टम है और कुएं के पानी को साफ करके सभी फ्लैटों में सप्लाई की जाती है। इस सिस्टम को दूसरों को भी अपनाना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार