माथाड़ी एक्ट स्थायी है, वाशी बाजार का पुनर्विकास होगा -सीएम फडणवीस
मुंबई , 25 सितंबर (हि. स.) Iमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज यहां भरोसा दिलाया कि ऐतिहासिक मथाडी एक्ट, जो मथाडी मज़दूरों को सोशल सिक्योरिटी और कानूनी सुरक्षा देता है, किसी भी हालत में खत्म नहीं किया जाएगा और लागू रहेगा। यह कहते हुए कि सरकार मेहनती मज़दूरों के अधिकारों की रक्षा करने और उन्हें एक सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, मुख्यमंत्री ने इस मौके पर महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं कि वडाला में हाउसिंग प्रोजेक्ट में लगभग तीन हज़ार मथाडी मज़दूरों को सही घर दिए जाएंगे और वाशी APMC मार्केट यार्ड को अगले 50 सालों को ध्यान में रखते हुए वर्ल्ड-क्लास स्टैंडर्ड के हिसाब से रीडेवलप किया जाएगा।वे मथाडी आंदोलन के संस्थापक स्वर्गीय विधायक अन्नासाहेब पाटिल की 93वीं जयंती के मौके पर वाशी में एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स मार्केट कमेटी में आयोजित एक बड़ी मज़दूर मीटिंग में बोल रहे थे। मंच पर वन मंत्री गणेश नाईक, विपणन व पर्यटन मंत्री जयकुमार रावल, अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक पिछड़ा विकास महामंडल के अध्यक्ष नरेंद्र पाटिल, विधायक शशिकांत शिंदे, विधायक मंदाताई म्हात्रे, विधायक निरंजन डावखरे, विधायक मनोज जमसुतकर, नवी मुंबई की महापौर श्रीमती सुजाता पाटिल, डॉ. प्राची पाटिल, पूर्व सांसद संजीव नाईक, संदीप नाईक, तथा विजय सावंत, उपस्थित थे I
छत्रपति शिवाजी महाराज, भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर व अन्नासाहेब पाटिल की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अंत्योदय की भूमिका प्रस्तुत की, जो समाज के अंतिम व्यक्ति के बारे में सोचते हैं। अन्नासाहेब पाटिल ने उसी भूमिका को अमल में लाने का काम किया। महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों से मुंबई आए मेहनती, असंगठित मज़दूरों को संगठित करके उन्होंने माथाडी एक्ट लागू किया और मज़दूरों के श्रम को सम्मान दिया। आज माथाडी मज़दूर समाज में ऊंचे स्थान पर हैं, जिसका पूरा श्रेय अन्नासाहेब के त्याग को जाता है।माथाडी एक्ट की सुरक्षा को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून मज़दूरों के लिए एक सुरक्षा कवच है। हालांकि कुछ लोग यह भ्रम फैला रहे हैं कि यह कानून खत्म हो जाएगा, लेकिन सरकार इस कानून को और मज़बूत करेगी और इसे खत्म नहीं होने देगी। लेकिन, इस पवित्र मज़दूर आंदोलन के नाम पर कुछ झूठे गैंग बन गए हैं और वे मज़दूरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इन गैर-कानूनी प्रवृत्तियों को रोकने और असली मज़दूरों के हितों की रक्षा के लिए जल्द ही मज़दूर नेताओं और संबंधित अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की जाएगी और कड़े कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही, उन्होंने 50 kg से ज़्यादा वज़न वाले बैग के नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए मार्केटिंग मंत्री जयकुमार रावल और लेबर डिपार्टमेंट की तारीफ़ की। मज़दूरों की भलाई की योजनाओं का रिव्यू करते हुए फडणवीस ने साफ़ किया कि राज्य के सभी 36 मथाडी बोर्ड को मज़बूत बनाने और उन्हें फिर से बनाने का काम शुरू हो गया है। बोर्ड के काम में ट्रांसपेरेंसी पक्का करने के लिए एक इंडिपेंडेंट पैनल से ऑडिट करवाया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि मज़दूरों की सैलरी, PF, ग्रेच्युटी, बोनस, घर का किराया और एक्सीडेंट मुआवज़ा जैसे पेंडिंग मामलों को तुरंत हल किया जाएगा। वडाला में मज़दूरों के हाउसिंग प्रोजेक्ट में आ रही दिक्कतों को हल कर दिया गया है और ज़रूरी FSI और परमिशन दे दी गई हैं, और 2,850 से 3,000 मथाडी मज़दूरों को मॉडर्न और सही घर दिए जाएंगे। साथ ही, सरकार भविष्य में मज़दूरों के लिए और भी हाउसिंग प्रोजेक्ट बनाने की कोशिश करती रहेगी। वाशी APMC मार्केट के मॉडर्नाइज़ेशन पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 50 साल पहले बना यह मार्केट उस समय एशिया का एक बड़ा सेंटर था। अब बदलते बिज़नेस पैटर्न और बढ़ते टर्नओवर को देखते हुए वाशी मार्केट को इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के हिसाब से फिर से डेवलप किया जाएगा। इसके लिए सरकार ज़मीन के नीचे और ऊपर सभी ज़रूरी फ़सी एफएस आई (चटाई क्षेत्र ) देगी। यह मॉडर्न और इंटरनेशनल मार्केट मथाडी वर्कर्स को ज़्यादा टिकाऊ रोज़गार देगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा

