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मराठा आरक्षणः शिंदे कमेटी के अध्यक्ष को मिलेगा मानदेय

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मुंबई, 16 सितंबर (हि.स.)। मराठा आरक्षण के संदर्भ में गठित पूर्व जस्टिस संदीप शिंदे कमेटी के अध्यक्ष को अब बैठक के हिसाब से मानदेय मिलेगा। जिला स्तर की बैठक के लिए 50 हजार रुपये और विभाग स्तर की बैठक के लिए 2 लाख रुपये मानदेय़ दिया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस आशय का जीआर बुधवार को जारी किया।

मराठावाड़ा में मराठा समुदाय को मराठा आरक्षण के हिसाब से मराठा-कुनबी और कुनबी-मराठा जाति सर्टिफ़िकेट जारी करने की प्रक्रिया तय करने के लिए 7 सितंबर, 2023 को पूर्व जस्टिस संदीप शिंदे की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई थी। इसके बाद 3 नवंबर, 2023 के सरकारी फैसले के अनुसार कमेटी का दायरा पूरे राज्य तक बढ़ा दिया गया था। इस बढ़े हुए काम के लिए कमेटी के अध्यक्ष के मानदेय का प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन था। अब सरकार ने इसे स्वीकृति दे दी है। सरकारी फैसले के अनुसार कमेटी के काम के लिए होने वाली हर बैठक के लिए तय मानदेय दिया जाएगा। वह बैठक आमने-सामने हो या वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए यह मानदेय लागू रहेगा। लेकिन कमेटी की बैठक के लिए दिए जाने वाले मानदेय की महीने की लिमिट भी तय की गई है। सभी बैठकों का कुल मानदेय किसी भी हालत में हर महीने 4 लाख रुपये से अधिक नहीं होगा। यदि महीने में बैठकों की संख्या बढ़ती भी है, तो भी पूर्व जस्टिस शिंदे को मिलने वाला ज्यादा से ज्यादा मानदेय 4 लाख रुपये तक ही सीमित रहेगा।

शिंदे कमेटी और मराठा आरक्षण सेल को मराठा आरक्षण से जुड़े काम के लिए मंत्रालय में नई जगह उपलब्ध कराई गई है। नई प्रशासनिक बिल्डिंग की 12वीं मंजिल पर ऊर्जा विभाग को दी गई 775 वर्ग फ़ीट की जगह कमेटी और मराठा आरक्षण रूम के लिए दी गई है। सरकारी फैसले में इस जगह का क्षेत्र 964.44 वर्ग फीट बताया गया है। ऊर्जा विभाग के लिए दूसरी जगह उपलब्ध कराई गई है। राज्य चुनाव आयोग के नाम पर अभी तक कब्जा नहीं ली गई 400 वर्ग फीट और गृह विभाग की कब्जे वाली 257 वर्ग फीट की जगह ऊर्जा विभाग को अलार्ट की गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार