मनोत्सव 2026: ‘मनाचा उत्सव’ के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति किया गया जागरूक
मुंबई, 10 अक्टूबर, (हि. स.)। वसई स्थित विद्यावर्धिनी के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय (वीसीईटी) की एनएसएस इकाई ने विरार स्थित विभास मनोरोग अस्पताल के सहयोग से 10 अक्टूबर 2026 को ‘मनोत्सव 2026’ का आयोजन किया। कार्यक्रम की संकल्पना ‘अनकही: मन की अनकही बातों पर संवाद’ थी।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सुरेश पाटील ने ‘भावनात्मक बुद्धिमत्ता’ विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जबकि प्राचार्य डॉ. राकेश हिमते ने ‘विचार बदलें, जीवन बदलें’ विषय पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। दोनों वक्ताओं ने अपने 25 वर्षों के अनुभव साझा करते हुए मानसिक दृढ़ता के महत्त्व पर जोर दिया। इसके बाद आयोजित परिचर्चा में अभिनेता आयुष भिडे, परामर्शदाता प्रकाश अल्मेडा और मनोचिकित्सक डॉ. कीर्ति तांडेल ने भाग लिया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रदीप गुलभिले ने परिचर्चा का संचालन किया, जिसमें पैनल सदस्यों ने विभिन्न प्रश्नों के उत्तर दिए। प्रथम वर्ष के लगभग 700 अभियांत्रिकी विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की प्रस्तावना प्राध्यापक दीपक चौधरी ने प्रस्तुत की। विद्यावर्धिनी के अध्यक्ष विकास बंधु वर्तक, पांडुरंग शेठ नाईक और हसमुखभाई शाह ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए आयोजकों की सराहना की।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं और परिचर्चा के सदस्यों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। एनएसएस स्वयंसेवकों निहाल घरत, आकांक्षा राटाटे, स्नेहा ठाकुर, हर्ष बाइत, तेजस भाटणकर, शुभम घेलानी, सृष्टि पांचाल और कृष्णांग निवेडकर ने कार्यक्रम के आयोजन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन एनएसएस स्वयंसेविका एशा सावंत ने किया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं को समझने और मानसिक स्वास्थ्य के विषय पर खुलकर संवाद करने के लिए प्रोत्साहित करना था।
हिन्दुस्थान समाचार / कुमार

