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मुंबई आने पर अड़े मराठा नेता मनोज जरांगे

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मुंबई, 11 सितंबर (हि.स.)। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मराठा नेता मनोज जरांगे पाटिल मुंबई आने के अपने फैसले पर अड़े हुए हैं। उन्होंने शुक्रवार को मराठा समाज से मुंबई चलने के लिए तैयार रहने की अपील की है। मुंबई में आंदोलन की दिशा और मार्च के रूट को लेकर शनिवार को दोपहर 12 बजे अंतरवाली सराटी में बैठक बुलाई गई है। इसी बैठक में मुंबई जाने का मार्ग और अन्य रणनीति तय की जाएगी।

मनोज जरांगे पाटिल ने शुक्रवार को जालना में पत्रकारों को बताया कि सरकार को मांगों पर फैसला लेने के लिए पर्याप्त समय दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, परमिशन मिले या न मिले, मैं मुंबई जाऊंगा। मुंबई जाने के अलावा अब कोई विकल्प नहीं है। भूख हड़ताल के 14वें दिन जरांगे ने आज मराठा समाज के लोगों से बातचीत की और उन्हें मुंबई जाने की तैयारी करने को कहा।

उन्होंने कहा कि सरकार पर दबाव बनाए बिना वह अपनी बात नहीं सुनेगी। उन्होंने लोगों से मुंबई जाने के रास्ते में एकजुट होकर साथ देने की अपील की। जरांगे ने कहा, मुंबई के रास्ते में आकर रुको। जो भी रास्ता तय होगा, हम उसी रास्ते से मुंबई जाएंगे। जिन्हें पैसे की दिक्कत है, वे मुंबई न आएं और गांव में शांतिपूर्ण तरीके से हमारा साथ दें। समाज को हारने न दें। उन्होंने कल होने वाली बैठक में सभी से समय पर पहुंचने की अपील की। जरांगे ने कहा कि समाज के लिए लोगों को एक दिन देना चाहिए और बैठक को घर या टीवी पर देखने के बजाय स्वयं उसमें उपस्थित होना चाहिए। जरांगे ने यह भी कहा कि यदि मुंबई पहुंचने के बाद मराठा समाज को किसी तरह की परेशानी होती है, तो तालुका स्तर पर लोग एकजुट होकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करें। उन्होंने गांवों में सडक़ जाम करने की भी अपील की। उन्होंने कहा, अब यह मुश्किल मुकाबला है। लड़ाई आखिरी स्टेज पर पहुंच गई है। इसलिए सभी को कल की बैठक में मौजूद रहना चाहिए। किसी को भी इस बैठक से गैरहाजिर नहीं रहना चाहिए।

सरकार पर निशाना साधते हुए जरांगे ने कहा कि मराठा समाज के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा, जो भी मुश्किल आएगी, मैं उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हूं। मैंने सरकार को बहुत समय दिया, लेकिन सरकार ने नहीं सुनी। हमने मुंबई जाने की अनुमति के लिए आवेदन किया है, क्योंकि हम कानून का सम्मान करते हैं। अगर सरकार न्याय नहीं देगी, तो न्याय का देवता न्याय देगा।

इस बीच आज मुंबई नगर निगम को ओर से बॉम्बे उच्च न्यायालय में मनोज जरांगे के मुंबई में होने वाले आंदोलन को रोकने के लिए दाखिल की गई याचिका को न्यायालय ने खारिज कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि वह किसी को आंदोलन न करने के लिए नहीं कह सकता। हालांकि राज्य सरकार और मुंबई नगर निगम प्रशासन मुंबई में मनोज जरांगे के आंदोलन के बाद आने वाली दिक्कतों को लेकर सतर्क है। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि जो लोग छत्रपति शिवाजी महाराज को मानते हैं, वे हिन्दू पर्व में दिक्कत नहीं डालेंगे। इस पर मनोज जरांगे ने कहा कि सरकार के अन्याय के खिलाफ लड़ते समय पर्व नहीं देखा जाता, यह छत्रपति शिवाजी महाराज की सीख है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव