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मनोज जरांगे के खिलाफ ईडी में भ्रष्टाचार की शिकायत

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मुंबई, 10 सितंबर (हि.स.)। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल और उनके कुछ करीबी सहयोगियों के खिलाफ जरांगे के पूर्व सहयोगी अजय बारस्कर ने गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में मराठा आरक्षण आंदोलन के नाम पर कथित तौर पर करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं और गैरकानूनी तरीके से संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले की छानबीन ईडी की टीम कर रही है।

अजय बारस्कर ने ईडी के डिप्टी डायरेक्टर से मुलाकात के बाद पत्रकारों को बताया कि मराठा आंदोलन की आड़ में रेत माफिया के जरिए कथित तौर पर कम से कम 1,000 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार किया गया है। उन्होंने संबंधित वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अजय बारस्कर ने बताया कि उन्होंने शिकायत में पांडुरंग तारक, किशोर बलंडे, गंगाधर कालकुटे, श्रीराम कुरणकर, संजय कटारे, स्वप्निल तारक, बद्रीनाथ तारक और विलास खेडकर समेत कुछ लोगों के नाम का उल्लेख किया है। बारस्कर ने प्रदर्शनकारियों के पास कथित तौर पर आई महंगी डिफेंडर कारों, लीलावती अस्पताल में इलाज पर हुए भारी खर्च तथा पांडुरंग तारक द्वारा खरीदी गई 50 एकड़ और 28 एकड़ जमीन के स्रोत पर भी सवाल उठाए हैं।

हालांकि, बारस्कर के इन आरोपों को मनोज जरांगे के करीबी गंगाधर कालकुटे ने सिरे से खारिज कर दिया है। कालकुटे ने आरोपों को जरांगे और मराठा आरक्षण आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि वे आंदोलन में पैसा कमाने के लिए नहीं आए हैं, बल्कि समाज के लिए काम करने के उद्देश्य से आंदोलन के साथ खड़े हैं। कालकुटे ने जांच एजेंसियों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि महाराष्ट्र, देश या दुनिया की किसी भी जांच एजेंसी से उनकी पूरी जांच कराई जा सकती है और वे हर जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं। कालकुटे ने बारस्कर को चेतावनी दी कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के ठोस सबूत पेश नहीं किए गए, तो वह मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे। उन्होंने कहा कि बिना सबूत लगाए गए आरोपों के जरिए उनकी और उनके परिवार की बदनामी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव