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किसानों पर महासंकट, सर्दियों में भी पड़ेगी मौसम की मार

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मुंबई, 14 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र सहित पूरे देश में इस साल अल-नीनो का प्रभाव जारी है। अगले कुछ महीनों में इसके सुपर अल-नीनो में बदलने की संभावना है। इससे सर्दियों में तापमान औसत से ज्यादा रहेगा। खरीफ फसलों के बाद रबी फसलों पर भी मौसम की मार पड़ने की संभावना जताई गई है। इस वजह से किसानों पर महासंकट के बादल मंडराने लगे हैं।

मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों अक्टूबर से दिसंबर महीने तक अल-नीनो और तेज होने वाला है। अल-नीनो का असर अगले साल फरवरी 2027 तक रहने की संभावना है। जल्द ही सर्दियों का मौसम शुरू होने वाला है। इस साल राज्य और देश में ठंड भी कम होगी। ठंड में भी मौसम गर्म रहने की संभावना है। अल-नीनो के असर से इस साल तापमान औसत से ज्यादा रहेगा। कम बर्फबारी की भी संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यदि इस साल देश में ठंड कम रहती है, तो इसका रबी सीजन की फसलों पर बुरा असर पड़ेगा। रबी सीजन की फसलों को ठंड की जरूरत होती है, लेकिन तापमान बढ़ने से इन फसलों पर सीधा असर पडेगा। पैदावर कम हो सकती है।

महाराष्ट्र में अल नीनो की वजह से बारिश में रुकावट से किसानों को बहुत नुकसान हुआ है। राज्य की 305 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। मराठवाड़ा, विदर्भ जैसे इलाकों में पानी की गंभीर स्थिति निर्माण हो गई है। राज्य में इस साल औसत से 30 से 40 प्रतिशत कम बारिश हुई है। महाराष्ट्र के दूसरे हिस्सों में भी यही हाल है। खरीफ फसलें, फल बाग बर्बाद होने से किसान संकट में हैं। पशुओं के चारे व पानी की समस्या निर्माण हो गई है। सर्दियों में भी मौसम की बेरूखी की संभावनाओं को लेकर किसान चिंता में हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार