जेन-जेड आंदोलन के बाद महायुति का युवाओं पर फोकस
मुंबई, 03 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जेन-जेड आंदोलन के बाद, महायुति ने युवा वोटरों पर फोकस किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से संपर्क बढ़ा रहे हैं, वहीं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी पार्टी संगठन की कमान ज्यादा से ज्यादा युवाओं को सौंपने का फैसला किया है।
आरएसएस सरसंघ संचालक मोहन भागवत 6 अगस्त को मुंबई को युवाओं से संवाद स्थापित करने वाले हैं। साल 2029 तक देश में लगभग 38 करोड़ जेन जी वोटर होने के अनुमान को ध्यान में रखते हुए, शिवसेना (शिंदे गुट) ने भी युवाओं को अपने पक्ष में करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। पार्टी एक इंडिपेंडेंट यूथ स्ट्रैटेजी बना रही है। इसके लिए जल्द ही पार्टी की एक बैठक होगी और जेन जेड वोटरों के बीच असरदार लीडरशिप बनाने के लिए युवा चेहरों को चुना जाएगा। सूत्रों के अनुसार युवा नेताओं के साथ विभिन्न सोशल संगठनों में काम करने वाले युवाओं को पार्टी में मौका देने पर विचार चल रहा है। पार्टी के अंदर शहरी और ग्रामीण इलाकों के युवाओं को जोड़ने के लिए खास सभाएं करने का प्लान है। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने पार्टी के पदाधिकारियों और नेताओं को युवाओं के मुद्दों पर काम करने का निर्देश दिया है।
झारखंड से बड़ी संख्या में युवा नीट पेपर लीक मामले के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन में शामिल हुए थे। इस आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद केंद्र ने एग्जामिनेशन रिफॉर्म्स बिल पास किया और भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त नियम बनाए। जब दिल्ली में आंदोलन चल रहा था, तब शिवसेना के मंत्री संजय शिरसाट और विधायक बच्चू कडू ने छत्रपति संभाजीनगर में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के माता-पिता से मुलाकात की थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

