एड्स नियंत्रण में महाराष्ट्र ने मारी बाजी
मुंबई, 25 अक्टूबर (हि.स.)। एड्स नियंत्रण में महाराष्ट्र ने उल्लेखनीय कार्य किया है। केवल छह महीनों में राज्य के छह जिले सुरक्षित श्रेणी में शामिल हो गए हैं। इसके अलावा 23 जिलों ने दो लक्ष्य हासिल कर ‘सक्षम’ श्रेणी में स्थान बनाया है, जो एड्स नियंत्रण में राज्य की मजबूत प्रगति को दर्शाता है।
महाराष्ट्र में ‘मोबिलाइजेशन फॉर एड्स सुरक्षा’ (एमएएस) पहल के तहत एचआईवी रोकथाम और इलाज सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर और परियोजना निदेशक डॉ. सुनील भोकरा ने बताया कि राज्य के सभी 36 जिलों को 1 दिसंबर 2026 तक 'सुरक्षित' श्रेणी में लाने का संकल्प लिया गया है। धुले, नंदुरबार, छत्रपति संभाजीनगर, जालना, चंद्रपुर और सांगली ने 95:95:95 के तीनों लक्ष्य हासिल कर ‘सुरक्षित’ श्रेणी में प्रवेश कर लिया है।
नाको (एनएसीओ) संचालित इस कार्यक्रम में पहले 95 का अर्थ 95% संक्रमितों को अपनी स्थिति की जानकारी होना है। दूसरा 95 निदान हुए 95% लोगों को एआरटी (एआरटी) उपचार से जोड़ना है और तीसरा 95 उपचार ले रहे 95% रोगियों के वायरस को नियंत्रित करना है। पहला लक्ष्य पाने के लिए इंडेक्स टेस्टिंग और 'मूनलाइट कैंपेन' चलाया गया। दूसरे लक्ष्य के तहत नए मरीजों को त्वरित इलाज से जोड़ा गया और छूटे हुए लाभार्थियों की काउंसलिंग की गई। तीसरे लक्ष्य के लिए नियमित वायरल लोड जांच और फॉलो-अप पर जोर दिया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

