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विदेश में खेती के गुण सीख रहे महाराष्ट्र के किसान

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मुंबई, 19 जनवरी (हि.स.)। महाराष्ट्र के किसान विदेश में खेती के गुण सीख रहे हैं। राज्य सरकार ने मलेशिया, वियतनाम और फिलीपींस का एक जॉइंट स्टडी टूर ऑर्गनाइज किया है। इसके तहत किसानों का पहला ग्रुप कृषि की मॉडर्न टेक्नोलॉजी सीखने विदेश पहुंचा है।

कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने वीडियो कॉल के जरिए सोमवार को किसान विदेश स्टडी टूर स्कीम के तहत विदेश दौरे पर गए किसानों से बातचीत की और उन्हें बधाई दी। इस स्कीम का मकसद किसानों की जानकारी बढ़ाना और खेती की मॉडर्न टेक्नोलॉजी की पढ़ाई करना है। कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे विदेश में खेती की मॉडर्न टेक्नोलॉजी की पढ़ाई करें और उस अनुभव को राज्य के किसानों के साथ साझा करें। इस स्कीम के तहत साल 2025-26 के लिए तीन स्टडी टूर प्लान किए गए हैं। इनमें यूरोप, इज़राइल और मलेशिया, वियतनाम, फिलीपींस शामिल हैं। इस स्कीम के तहत 17 जनवरी को किसान तीन देशों मलेशिया, वियतनाम और फिलीपींस गए हैं। इस टूर में हिस्सा लेने वाले किसान पुणे से मुंबई होते हुए निकले हैं, और राज्य के 15 प्रोग्रेसिव किसान, एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट का 1 अधिकारी और एक ट्रैवलिंग कंपनी का 1 रिप्रेजेंटेटिव इस टूर में शामिल है।

इस स्टडी दौरे में हिस्सा लेने वाले किसानों को अलग-अलग देशों में मॉडर्न खेती के तरीकों, प्रोटेक्टेड खेती, एग्रो-प्रोसेसिंग इंडस्ट्री, एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी के साथ एग्रीकल्चर मैनेजमेंट और मार्केटिंग सिस्टम को सीखने का मौका मिलेगा। इस अनुभव का इस्तेमाल करके राज्य में खेती के बढ़ावे में मदद मिलेगी। खास बात यह है कि 2019 के बाद यह पहला फॉरेन स्टडी टूर ऑर्गनाइज़ किया गया है। कृषि विभाग ने भरोसा जताया है कि इस पहल से किसानों को वैश्विक स्तर की एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी की जानकारी मिलेगी और राज्य में कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार