home page

जैन समुदाय के जरूरतमंदों को 51 करोड़ का ऋण

 | 

मुंबई, 01 नवबंर (हि.स.)। जैन समुदाय के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने आर्थिक मदद दी है। समुदाय के 511 लाभार्थियों को रविवार को 51 करोड़ रुपये का लोन बांटा गया।

घाटकोपर के आराध्य भक्ति पार्क में जैन अल्पसंख्यक विकास आर्थिक कॉर्पोरेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में राज्य सरकार की ओर से लाभार्थियों को लोन वितरित किए गए। राज्य सरकार ने जैन समुदाय के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार बिना ब्याज के लोन, नए उद्यमी और स्वरोजगार को बढ़ावा देने का फैसला किया है। साथ ही जैन समुदाय की धार्मिक, कल्चरल, ऐतिहासिक विरासत को बचाने और बढ़ावा देने के लिए एक प्लान तैयार किया जाएगा।

सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि प्रकृति, संस्कृत और मराठी लिटरेचर के लेन-देन के लिए एआई इस्तेमाल को भी बढ़ावा दिया जाएगा। जैन धर्म में अहिंसा, दया, समर्पण और दुनिया की भलाई की शिक्षाएं समाज के लिए गाइड हैं। जैन समुदाय की अलग-अलग मांगों को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने रखने और उन्हें मंज़ूरी दिलाने की कोशिश की जाएगी।

कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा कि समुदाय के हर व्यक्ति को मुख्यमंत्री राहत कोष में कम से कम 100 रुपये का योगदान देकर सरकार के राहत कार्य में हिस्सा लेना चाहिए। जैन धर्म की परंपरा पुरानी है और इसका भारतीय संस्कृति से अटूट संबंध है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज के सभी वर्गों को व्यापक सांस्कृतिक एकीकरण की भावना के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहिए।

इस दौरान ऑल इंडिया जैन माइनॉरिटी फेडरेशन की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 51 लाख रुपये की मदद दने की घोषणा की गई। इस मौके पर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन ललित गांधी, पराग शाह, संदीप भंडारी, जैन मुनि नम्र मुनि महाराज सहित गणमान्य उपस्थि थे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार