कैंडिला के तीन गोदामों का लाइसेंस रद्द
मुंबई, 06 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र अन्न व औषधि प्रशासन (एपडीए) ने दवा विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की है। दवा का मिलता-जुलता नाम रखकर उत्पाद बेचने वालों पर सख्ती बरती गई है। अहमदाबाद की दवा निर्माता कंपनी मेसर्स कैंडिला फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के पुणे, नागपुर और ठाणे-भिवंडी स्थित तीन सीएफए गोदामों के बिक्री और वितरण लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के अनुसार राज्य में खाद्य पदार्थो की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बासी, केमिकल युक्त या अस्वच्छ खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। जांच में सामने आया कि 'एसीलॉक 150-300' में रेनिटिडिन घटक मौजूद है। जबकि 'एसीलॉक 150 प्लस और 300 प्लस' में फेमोटिडिन साल्ट मिलाया गया था। मूल औषधीय घटक अलग होने के बावजूद केवल प्लस चिह्न लगाकर ब्रांड नाम समान रखा गया। इससे दवा की सही पहचान को लेकर गलतफहमी हो रही है। जांच के दौरान गोदामों में प्रतिबंधित दवाओं पर 'नॉट फॉर सेल' का बोर्ड न होना और सक्षम व्यक्ति की गैरमौजूदगी में बिना हस्ताक्षर के बिल जारी करने जैसी कई अनियमितताएं भी पकड़ी गईं।
एफडीए ने मुंबई विभाग के 11 नामी होटलों, रेस्तरां, कैटरर्स और बेकरी में गंदगी, कीड़े, बिना मेडिकल जांच काम कर रहे कर्मचारियों और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई है। इनमें से 8 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस और 3 के रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दिए गए हैं। नवी मुंबई के एपीएमसी तुर्भे फल बाजार में जहरीले केमिकल 'इथेफॉन' के घोल में डुबोकर कृत्रिम तरीके से पकाए जा रहे 1,394 किलो केले जब्त कर पुलिस केस दर्ज किया गया है। वहीं सोलापूर के मालशिरस में जांच के दौरान गाय के दूध में डिटर्जेंट पाए जाने पर 16,730 लीटर मिलावटी दूध तुरंत नष्ट कर दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। मुंबई और कोंकण क्षेत्र में प्रतिबंधित गुटखा और सुगंधित पान मसाला के खिलाफ अभियान चलाकर करीब 94.45 लाख रुपए का प्रतिबंधित माल और 35 लाख रुपए के वाहन समेत कुल 1.29 करोड़ रुपए का माल जब्त किया गया है। इस मामले में धारावी, बांद्रा, सांताक्रुज और पालघर से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

