पालघर में तेंदुए का आतंक: एक महीने में दूसरी महिला की गई जान
मुंबई, 02 नवंबर (हि.स.)।पालघर जिले में तेंदुए के हमले की एक और घटना सामने आई है। वाणगांव के करीब मतेगांव (चंडीगांव) इलाके के एक खेत में काम खत्म कर घर लौट रही 65 वर्षीय महिला पर तेंदुए ने हमला कर दिया। हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। करीब एक महीने पहले पालघर के नवली क्षेत्र में भी तेंदुए के हमले में एक महिला की जान गई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। खासकर खेतों में काम करने वाले किसान और मजदूर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
मृतका की पहचान तुलशी रामा सावर (65) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से विक्रमगढ़ तालुका के सरशी गांव की रहने वाली थीं। जानकारी के अनुसार मतेगांव में स्थित कृषि वाड़ी में काम खत्म करने के बाद वह बाहर निकल रही थीं। इसी दौरान पहले से घात लगाकर बैठे तेंदुए ने अचानक उन पर हमला कर दिया। तेंदुए ने उनकी गर्दन को दबोच लिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही खेत मालिक बलवंत ठाकाजी राऊत और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। हालांकि, तब तक तेंदुआ अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग चुका था। सूचना मिलने पर बोईसर वन परिक्षेत्र के अधिकारियों की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और जांच तथा पंचनामा की प्रक्रिया शुरू की। वन विभाग की प्रारंभिक जानकारी में हमले के लिए तेंदुए को जिम्मेदार बताया गया है।
पहले भी हो चुकी है महिला की मौत
गौरतलब है कि 9 अक्टूबर को पालघर के भोगले पाड़ा इलाके में भी तेंदुए के हमले में एक महिला की मौत हुई थी। मतेगांव की घटना उस स्थान से करीब 25 किलोमीटर दूर हुई है। पिछले कुछ महीनों से जिले के अलग-अलग ग्रामीण इलाकों में तेंदुए की मौजूदगी देखी जा रही है। इससे पहले तेंदुए द्वारा कुत्तों और गाय के बछड़ों समेत अन्य जानवरों का शिकार किए जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
खेती-किसानी पर भी मंडराया संकट
तेंदुए के हमले से किसानों और खेत मजदूरों में डर बढ़ गया है। रबी और बागवानी फसलों का काम इन दिनों जोर पर है। किसानों को रात में खेतों में पानी देने, दवाओं का छिड़काव करने और फसलों की रखवाली के लिए जाना पड़ता है। लेकिन हमले की घटना के बाद मजदूरों ने खेतों में काम करने से डर जताया है। ऐसे में खेती के कामकाज पर असर पड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
पिंजरा लगाने और तेंदुए को पकड़ने की मांग
स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्र में तत्काल ट्रैप कैमरे लगाने और पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। ग्रामीण मिलिंद पाटील ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसानों और सभी दलों के स्थानीय प्रतिनिधियों को साथ लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर आक्रोश मोर्चा निकाला जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / जे सिंह

