15 अगस्त तक सीखें मराठी, चालकों को मिलेगा सरकारी सर्टिफिकेट
मुंबई, 28 अप्रैल (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार ने गैर-मराठी टैक्सी-ऑटो रिक्शा चालकों को मराठी सीखने के लिए 15 अगस्त तक समय दिया है। पहले यह नियम 1 मई से लागू होनेवाला था, इसे बढ़ाकर 15 अगस्त कर दिया गया है। इस बीच एक विशेष निरीक्षण मुहिम चलाई जाएगी। मराठी सीखने वाले चालकों को सरकारी सर्टिफिकेट दिया जाएगा, जो लाइसेंस रिन्यू कराते समय जरूरी होगी।
महाराष्ट्र सरकार ने चालकों के लिए मराठी भाषा सीखना अनिवार्य किया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मंगलवार को बांद्रा स्थित परिवहन कार्यालय में परिवहन आयुक्त सहित आरटीओ अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। मंत्री सरनाईक के अनुसार 1 मई से 15 अगस्त तक का समय 100-दिन का अभियान है, जिसमें चालकों को मराठी सीखने का अवसर दिया जाएगा। यदि तय समय सीमा के बाद भी चालकों ने मराठी नहीं सीखी, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्पष्ट किया गया है कि केवल मराठी न जानने के कारण लाइसेंस या परमिट रद्द नहीं किया जाएगा. यात्रियों से अच्छे व्यवहार और आचरण के लिए व्यवहारिक मराठी भाषा के इस्तेमाल का निर्णय लिया गया है। चालकों के लिए 15 अगस्त तक मराठी भाषा सीखना जरूरी है।
परिवहन मंत्री के अनुसार सरकार गैर-मराठी भाषी चालकों को मराठी सिखाने के लिए कक्षाएं और ट्रेनिंग सेंटर की व्यवस्था करेगी। संवाद के लिए व्यावहारिक मराठी आना अनिवार्य है, उच्च स्तरीय पढ़ना-लिखना जरूरी नहीं है। यह निर्णय ऑटो-टैक्सी यूनियनों और कुछ राजनीतिक दलों की मांग के बाद लिया गया है, ताकि यात्रियों के साथ संवाद बेहतर हो सके। परिवहन विभाग ने मराठी भाषा के फैसले को असरदार तरीके से लागू करने के लिए 1 मई से 15 अगस्त तक विशेष निरीक्षण मुहिम चलाने का फैसला किया है। इस मुहिम की जिम्मेदारी अतिरिक्त परिवहन आयुक्त रवींद्र गायकवाड़ की अध्यक्षता में बनी 4 सदस्यों की कमेटी को सौंपी गई है।
परिवहन मंत्री सरनाईक ने बताया कि राज्य के सभी 59 आरटीओ कार्यालयों को 1 मई से विशेष निरीक्षण मुहिम चलाने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले और गैर-कानूनी परिवहन करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मुहिम मे मराठी न जानने के आधार पर लाइसेंस रद्द नहीं किए जाएंगे, बल्कि दूसरे कानूनी नियमों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। मीरा-भायंदर में चलाई गई मुहिम का जिक्र करते हुए मंत्री सरनाईक ने बताया कि कुल 3,443 ऑटो रिक्शा का निरीक्षण किया गया. इनमें से 565 चालक मराठी का ज्ञान साबित नहीं कर पाए। हालांकि इन चालकों ने मराठी सीखने की इच्छा जताई है।
मंत्री सरनाईक ने बताया कि मराठी सीखने के इच्छुक चालकों के लिए आरटीओ कार्यालय में सुविधाएं दी जाएंगी। कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ के साथ मिलकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। मराठी सीखने के लिए बुकलेट और ई-बुकलेट उपलब्ध कराई जाएंगी। मराठी भाषा सीखने वाले चालकों को राज्य सरकार की तरफ से एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा और लाइसेंस रिन्यू कराते समय यह सर्टिफिकेट ज़रूरी होगा। 100-दिन के कैंपेन के बाद 16 अगस्त 2026 को एक पूरी रिपोर्ट जमा की जाएगी और उसी के अनुसार आगे की नीति तय की जाएगी।
इससे पहले सोमवार को मंत्रालय में टैक्सी- ऑटो रिक्शा चालकों की विभिन्न यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में मंत्री सरनाईक ने चालकों को मराठी सीखने के लिए समय देने का आश्वासन दिया था। शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता संजय निरूपम व कामगार नेता शशांक राव ने चालकों को मराठी सीखने के लिए 6 महीने से 1 साल तक का समय देने की मांग की थी। साथ ही मांग की गई थी कि उनके लाइसेंस और परमिट रद्द न किए जाएं। मुंबई ऑटो-रिक्शा व टैक्सीमेंस यूनियन ने 4 मई को घोषित अपनी हड़ताल को रद्द कर दिया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

