नए पावर प्रोजेक्ट का जमीन ट्रांसफर शुल्क माफ
मुंबई, 26 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में स्थापित होने वाले नए पावर प्रोजेक्ट के लिए जमीन ट्रांसफर का 25 प्रतिशत शुल्क पूरी तरह माफ करने का निर्णय लिया है। सोलर या विंड पावर जैसी नई बिजली परियोजना के लिए खरीदी गई जमीन के इंटरनल ट्रांसफर पर अब शुल्क नहीं लगेगा। यह जानकारी सोमवार को चंद्रशेखर बावनकुले ने दी।
मुख्य कंपनी की ओर से विशेष परियोजना को सब-कंपनी को जमीन हस्तांतरित करते यह शुल्क लगाया जाता है। इसे माफ किए जाने के बाद कंपनियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। संबंधित कानून के तहत इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए खरीदी गई जमीन का हस्तांतरण करते समय रेडी रेकनर की दर के अनुसार बाजार भाव का 25 प्रतिशत ट्रांसफर शुल्क जिलाधिकारी के पास जमा करने का प्रावधान था। नए एनर्जी सेक्टर में बड़ी परियोजना लगाते समय, मुख्य कंपनी को बैंक लोन लेने या विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए जमीन को एक अलग सब-कंपनी को हस्तांतरित करना पड़ता है। हालांकि कंपनी की ओनरशिप वही रहेगी। यह केवल इंटरनल और दस्तावेज बदलाव है, फिर भी 25 प्रतिशत शुल्क की वजह से प्रोजेक्ट कॉस्ट में भारी बढ़ोतरी हो रही थी। इससे बिजली जेनरेशन के काम में देरी हो रही थी।
राज्स्व मंत्री बावनकुले ने साफ किया है कि यह छूट देते हुए राज्य सरकार ने एक शर्त भी लगाई है। भूमि का उपयोग केवल नए ऊर्जा विकास के लिए ही जरूरी होगा। यदि कोई कंपनी शुल्क माफी का फायदा लेने के बाद जमीन का इस्तेमाल रेजिडेंशियल, कमर्शियल या किसी और मकसद के लिए करती है या किसी थर्ड पार्टी को बेचती है, तो यह छूट तुरंत रद्द कर दी जाएगी। ट्रांसफर फीस की पूरी रकम ब्याज के साथ वसूल की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

