तीसरी मुंबई के लिए 27 अप्रैल से भूमि अधिग्रहण
मुंबई, 18 अप्रैल (हि.स.)। तीसरी मुंबई को बसाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) ने अटल सेतु से प्रभावित इलाके के 124 गांवों में 'तीसरी मुंबई' बनाने के लिए 27 अप्रैल से ज़मीन अधिग्रहण का प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है। ज़मीन मालिकों को जमीन का मुआवजा देने के तीन आकर्षक ऑप्शन रखे गए हैं।
तीसरी मुंबई के लिए मुंबई के पड़ोसी जिले की उरण, पनवेल, पेण तहसील के 124 गांवों में ज़मीन अधिग्रहण करने का प्रस्ताव है। एमएमआरडीए इसके लिए ज़मीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है और ज़मीन अधिग्रहण का काम 27 अप्रैल से शुरू होगा। अटल सेतु परियोजना से प्रभावित इलाकों में तीसरी मुंबई बसाई जाएगी। इसके लिए वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए एमएमआरडीए ने ज़मीन खरीदने का प्रक्रिया शुरू कर दिया है। ज़मीन अधिग्रहण के लिए ज़मीन मालिकों से मंजरी ली जाएगी।
तीसरी मुंबई 'नवनगर डेवलपमेंट अथॉरिटी' (एनटीडीए) के करीब 323.44 वर्ग किमी एरिया में रायगढ़ ज़िले के उरण, पनवेल और पेण तहसील के 124 गांवों में बनाई जाएगी। यह इलाका नवी मुंबई की तरफ अटल सेतु परियोजना के असर वाले क्षेत्र में हैं। राज्य सरकार ने पिछले महीने 16 मार्च को ज़मीन खरीदने और ज़मीन देने की नीति का ऐलान किया था। इस नीति के तहत सिडको और एमआईडीसी की नीति के हिसाब से परियोजना से प्रभावित लोगों को डेवलप प्लॉट का 22.5 प्रतिशत नकद मुआवज़ा या एफएसआई/टीडीआर के तौर पर मुआवज़ा देने का फ़ैसला किया गया है। नई प्रक्रिया से ज़मीन अधिग्रहण में तेजी आएगी। उरण और पनवेल तहसील में 22.5 प्रतिशत विकास किए गए प्लॉट ज़मीन मालिकों को उरण तहसल में दिए जाएंगे। जबकि पेन तहसल के ज़मीन मालिकों को उसी तहसील में विकसित किए गए प्लॉट का 22.5 प्रतिशत दिया जाएगा।
एमएमआरडीए अधिकारियों के अनुसार ऑनलाइन सहमति पंजीकरण की सुविधा 27 अप्रैल से एमएमआरडीए की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। ज़मीन मालिकों को ज़रूरी दस्तावेज के साथ यह प्रक्रिया पूरा करना होगा। इससे कोई विवाद नहीं होगा और का में तेजी आएगी। एमएमआरडीए आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी के अनुसार तीसरी मुंबई बसाने के लिए जनहित को ध्यान में रखकर विकास पर जोर दिया जाएगा। ज़मीन मालिकों को कई ऑप्शन दिए जाएंगे। लोगों की भागीदारी के साथ शहर का विकास किया जाएगा। इस शहर के विकास की सफलता नागरिकों की भागीदारी पर निर्भर करती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

