टीएमसी का कोपरी सीवरेज मात्र सफेद हाथी - विधायक केलकर
मुंबई ,25 अप्रैल ( हि.स.) । ठाणे के पूर्वी भाग कोपरी में सीवेज से साफ पानी बनाने वाला ठाणे ईस्ट सीवरेज प्रोजेक्ट सफेद हाथी निकला है। ठाणे नगर निगम को इस प्रोजेक्ट से एक भी रुपये की इनकम नहीं हो रही है, वहीं कॉन्ट्रैक्टर को हर साल Rs 10 करोड़ देने पड़ रहे हैं। विधायक संजय केलकर ने आरोप लगाया है कि नगर निगम की लापरवाही और कॉन्ट्रैक्टर कंपनी के करप्शन की वजह से ठाणे के लोगों के टैक्स का पैसा लूटा जा रहा है।
विधायक केलकर ने कहा कि ठाणे नगर निगम ने ठाणे ईस्ट में कन्हैया नगर के पास पीपीपी बेसिस पर एक सीवेज प्रोजेक्ट बनाया है और कॉन्ट्रैक्टर .एके इलेक्ट्रिकल्स ने 2021 में प्रोजेक्ट का काम शुरू किया था। जबकि प्रोजेक्ट के एक साल के अंदर पूरा होने की उम्मीद थी, इसके लिए 2025 तय किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि इस प्रोजेक्ट में सीवेज से 120 एमएलडी पानी साफ करने की कैपेसिटी है, लेकिन सिर्फ पांच एमएलडी ही साफ पानी बना है। इस प्रोजेक्ट को लगाने का मकसद सीवेज को साइंटिफिक तरीके से डिस्पोज करना और बने साफ पानी को बेचकर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के लिए इनकम जेनरेट करना था। लेकिन, आज तक उम्मीद के मुताबिक पानी नहीं बना है, और पानी बेचा भी नहीं गया है। उल्टा, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को ही कॉन्ट्रैक्टर कंपनी को हर साल 10 करोड़ रुपये की गलत रकम देनी पड़ रही है।
इस बारे में बात करते हुए, विधायक केलकर ने कहा कि इस केंद्र सरकार ने 90 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जबकि अनुबंधित कंपनी लिए गए लोन पर 9 करोड़ रुपये का ब्याज देने से बच रही है, और ठेकेदार और नगर निगम एक-दूसरे पर ज़िम्मेदारी डालने की कोशिश कर रहे हैं। चूंकि 120 एमएलडी कैपेसिटी वाले इस प्रोजेक्ट से सिर्फ़ पांच एमएलडी पानी ही साफ़ हो रहा है, इसलिए कॉन्ट्रैक्टर की कैपेसिटी पर शक जताया जा रहा है। इसके अलावा, इस प्रोसेस से निकलने वाला कीचड़ पास के नाले और मैंग्रोव जंगल में डाला जा रहा है। नतीजतन, मानसून के दौरान पानी थानेकरवाड़ी और दूसरे इलाकों में घुस जाता है, जिससे लोगों को बहुत नुकसान होता है, जबकि मैंग्रोव जंगल भी खत्म होने की कगार पर है ।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा

