वसई-विरार में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के लिए संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक जल्द
-विधायक की मांग पर मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन
मुंबई, 11 जुलाई, (हि. स.)। वसई-विरार में बीते दिनों हुई भारी बारिश के कारण पैदा हुई बाढ़ की स्थिति, चरमराई यातायात व्यवस्था और नागरिकों को होने वाली विभिन्न समस्याओं के मद्देनजर वसई की विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि वसई-विरार की बाढ़ समस्या पर केवल अस्थायी उपायों तक सीमित न रहकर, इसका स्थायी और प्रभावी समाधान खोजने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राजस्व, नगर विकास, लोक निर्माण विभाग, एमएसआरडीसी, रेलवे, वसई-विरार महानगरपालिका, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और संबंधित सभी विभागों की एक विशेष संयुक्त बैठक बुलाई जाए।
विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने स्पष्ट किया कि वसई-विरार में हर साल मानसून के दौरान बाढ़ की स्थिति पैदा होती है, जिससे नागरिकों को जान-माल, यातायात और रोजगार के स्तर पर भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए, सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करके एक दीर्घकालिक कार्य योजना (एक्शन प्लान) तैयार करना समय की मांग है। इस मांग को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने आश्वासन दिया कि वसई-विरार की बाढ़ की स्थिति की व्यापक समीक्षा करने के लिए जल्द ही संबंधित विभागों की एक विशेष संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी।
विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर भी आकर्षित किया कि पिछले पांच दिनों में भारी बारिश के कारण रेलवे सेवाएं बार-बार बाधित होने से हजारों नौकरीपेशा लोगों, उद्योग क्षेत्र के कर्मचारियों, व्यवसायियों, छात्रों के साथ-साथ मुंबई के स्कूलों में पढ़ाने जाने वाली वसई-विरार की कई महिला व पुरुष शिक्षकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसे ध्यान में रखते हुए मांग की गई कि राज्य सरकार निजी प्रतिष्ठानों, उद्योगों, कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रभावित कर्मचारियों व शिक्षकों के लिए कम से कम चार दिनों की सवेतन (पेड) विशेष छुट्टी घोषित करने के संबंध में आवश्यक निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि वसई-विरार के नागरिकों को हर साल बाढ़ की स्थिति का सामना न करना पड़े, इसके लिए राज्य सरकार को युद्ध स्तर पर योजना बनाकर टिकाऊ और स्थायी उपाय लागू करने चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / कुमार

