बीड़ी मजदूरों की मजदूरी का मसला सुलझा
मुंबई, 10 अगस्त (हि.स.)। महाराष्ट्र में बीड़ी मजदूरों की बकाया न्यूनतम मेहनताने का मामला आखिरकार सुलझ गया है। विधि व न्याय विभाग की सुझाव के बाद इस मुद्दे का हल निकाल लिया गया है।
राज्य सरकार ने श्रम आयुक्त को 1 जनवरी 2026 से 30 जून 2026 तक के समय के लिए महंगाई भत्ते के साथ बदले हुए वेतन को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया है। नए निर्धारण के अनुसार जोन-1 में मनपा सीमा में बीड़ी मज़दूरों को 210 रुपये का मूल वेतन और 169 रुपये का महंगाई भत्ता, कुल 379 रुपये रोजाना दिया जाएगा। जबकि जोन-2 में जो सभी मनपा सीमाओं को छोड़कर बाकी क्षेत्र हैं, एक हज़ार बीड़ी मोड़ने वाले कर्मचारियों को 192 रुपये का मूल वेतन और 169 रुपये का महंगाई भत्ता, कुल 361 रुपये प्रतिदिन दिया जाएगा।
बीड़ी मजदूरों की मजदूरी के बारे में लेबर यूनियनों और एम्प्लॉयर ऑर्गनाइजेशन से मिली प्रस्तुतिकरण पर ध्यान देते हुए श्रम मंत्री आकाश फुंडकर की अध्यक्षता में बैठक हुई। 2 जून, 2026 को हुई आखिरी बैठक में दोनों पक्षों को सुना गया। उसके बाद विधि व न्याय विभाग की राय मांगी गई. विभाग ने साफ किया कि 10 नवंबर 2014 के नोटिफिकेशन में न्यूनतम मजदूरी दर अभी भी लागू है और इसे लागू करने पर कोई कानूनी रोक नहीं है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

