कोपरी में गगनचुंबी इमारतों से जल संकट को न्योता
मुंबई, 25 मई ( हि.स.) । ईस्ट ठाणे के कोपरी इलाके में तेज़ी से चल रहे पुनर्विकास योजनाओं की असली वजह से इलाके की सूरत बदल रही है। जहां पहले तीन से चार मंज़िला इमारतें थीं, अब वहां 8 से 30 मंज़िल के ऊंचे टावर बन रहे हैं। इस तेज़ी से हो रहे शहरीकरण की वजह से आबादी काफी बढ़ जाएगी और लोग डर जता रहे हैं कि भविष्य में कोपरी भी घोड़बंदर रोड की तरह टैंकर के पानी पर निर्भर हो जाएगा।
अभी, कोपरी इलाके की आबादी डेढ़ लाख से ज़्यादा होने का अनुमान है। नए हाउसिंग कॉम्प्लेक्स बनने की वजह से आने वाले सालों में यह संख्या और बढ़ेगी और नागरिक सुविधाओं, खासकर पानी की सप्लाई सिस्टम पर बहुत ज़्यादा दबाव पड़ने की संभावना है। स्थानीय लोगों को चिंता है कि पानी की सीमित टंकियों, पुराने डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और बढ़ती मांग की वजह से भविष्य में पानी की सप्लाई कम पड़ सकती है।
हालांकि ठाणे शहर को अभी करीब 590 MLD पानी की सप्लाई मिल रही है, लेकिन ठाणे ईस्ट डिवीज़न को इसका पूरा और काफ़ी फ़ायदा नहीं मिल रहा है। डैम में पानी का स्टोरेज कम होने और समय-समय पर पानी की कटौती की वजह से हालात और भी गंभीर होते जा रहे हैं।
घोड़बंदर रोड इलाके में बड़े हाउसिंग कॉम्प्लेक्स होने की वजह से कई सोसाइटियां अब टैंकर के पानी पर निर्भर हैं। इसी तरह, कोपरी में भी लोगों के बीच यह सवाल चर्चा में है कि “भविष्य में टावर तो बनेंगे, लेकिन क्या पानी टैंकरों में जाएगा?” अगर अभी से प्लानिंग नहीं की गई, तो डर है कि कोपरी को भी टैंकर से पानी सप्लाई का संकट झेलना पड़ सकता है।
खास बात यह है कि ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को दूसरे सिस्टम पर बहुत ज़्यादा निर्भर रहना पड़ता है क्योंकि उसके पास पानी का अपना कोई अलग सोर्स नहीं है। एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि बढ़ती आबादी, तेज़ी से हो रहे रीडेवलपमेंट और पानी के कम स्टोरेज का मिला-जुला असर भविष्य में गंभीर रूप ले सकता है।
इस पृष्ठभूमि में, कोपरी इलाके के लिए एक अलग वॉटर मैनेजमेंट प्लान बनाने, बड़ी क्षमता वाले नए वॉटर टैंक बनाने, रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी देते समय पानी की प्रचुर मात्रा में उपलब्धि की पूरी स्टडी ज़रूरी बनाने और रेनवॉटर हार्वेस्टिंग और रीयूज़ स्कीम्स को असरदार तरीके से लागू करने की ज़रूरत है।
ठाणे के पर्यावरणविद डॉ प्रशांत ने सीएम देवेंद्र फडणवीस को लिखे पत्र में ध्यानाकर्षित किया है कि“ऊँचे टावर बनाए जा रहे हैं, लेकिन भविष्य में कोपरी को भी घोड़बंदर रोड की तरह टैंकरों पर निर्भर न रहना पड़े, इसलिए अभी से पक्का जल व्यवस्थापन ज़रूरी है।”
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा

