एमपी में 90 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव, सीएम मोहन यादव मिली बड़ी सफलता
मुंबई, 09 अक्टूबर (हि.स.)। मुंबई दौरे पर आए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बड़ी सफलता मिली है। एमपी सरकार को मुंबई में आयोजित निवेशक रोड शो में करीब 90 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव मिला है। इनसे 14 हजार से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।
मुंबई में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री यादव ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और राजदूतों से मुलाकात कर उन्हें प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि एसीएमई ग्लोबल ने 47,354 करोड़ रुपये और अवाडा समूह ने 22,056 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। रिलायंस इंडस्ट्रीज कैपिटल ने 3,000 करोड़ रुपये और आयनॉक्स ने 1,260 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है। इसी तरह सन फार्मा पीथमपुर में लगभग 3,000 करोड़ रुपये से ग्रीनफील्ड परियोजना लगाएगी, जिससे 1,750 से अधिक रोजगार मिलने की संभावना है। इप्का लैबोरेटरीज देवास और उज्जैन में 1,080 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जिससे 1,500 रोजगार सृजित होंगे। दोनों कंपनियों ने रतलाम में प्रस्तावित फार्मा और बायोटेक पार्क में भी रुचि दिखाई है।
मुख्यमंत्री यादव के अनुसार ताप्ती नदी को लेकर नए नदी जोड़ो प्रस्ताव पर महाराष्ट्र सरकार के साथ काम हो रहा है। अब तक मिले करीब 10 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों में से 30 प्रतिशत से अधिक जमीन पर उतर चुके हैं। जनवरी या फरवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए मुंबई के निवेशकों को आमंत्रित किया गया है। निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योगों को प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली उपलब्ध कराने वाला देश का प्रमुख राज्य है। पीएम मित्र पार्क में कपड़ा और सूती उद्योगों के लिए करीब 4.36 रुपये प्रति यूनिट बिजली की दर का उल्लेख किया गया है। औद्योगिक परियोजनाओं के लिए प्रदेश में करीब एक लाख एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है। भूमि आवंटन की प्रक्रिया 60 दिन से घटाकर 24 दिन र दी गई है। देश के मध्य में स्थित होने के कारण मध्यप्रदेश को सड़क और लॉजिस्टिक्स के लिहाज से महत्वपूर्ण है। प्रदेश में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किए गए हैं, जबकि कई औद्योगिक क्षेत्रों को एक्सप्रेसवे और अन्य परिवहन नेटवर्क से जोड़ने पर जोर है।
यादव ने बताया कि प्रदेश में सरप्लस बिजली, खनिज संसाधन, कृषि उत्पादन और कुशल श्रमबल उद्योगों के लिए प्रमुख आधार हैं। राज्य सरकार 40 प्रतिशत तक निवेश प्रोत्साहन, सिंगल विंडो व्यवस्था और सेक्टर आधारित जरूरतों के अनुसार फैसले लेने के लिए कैबिनेट कमेटी जैसी व्यवस्थाओं के जरिए निवेशकों को सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

