पानसरे हत्याकांड में गायकवाड की संलिप्तता की हो जांच
मुंबई, 23 अप्रैल (हि.स.)। शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक संजय गायकवाड द्वारा प्रकाशक प्रशांत आंबी को धमकाने का मुद्दा गरमा गया है। कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इसे गुंडागर्दी बताते हुए पानसरे हत्याकांड में गायकवाड की संलिप्तता की जांच कराने की मांग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से की है।
वामपंथी नेता दिवंगत गोविंद पानसरे द्वारा साल 1988 में प्रकाशित पुस्तक 'शिवाजी कोण होता?' (शिवाजी कौन थे?) के प्रकाशक प्रशांत आंबी को धमकाने की ऑडियो क्लीप वायरल हुई है। इसमें विधायक गायकवाड फोन पर आंबी को धमकाते सुने जा रहे हैं। इस मामले को लेकर सपकाल ने सवाल उठाया है कि जिस तरह से पानसरे के नाम से प्रकाशक को धमकाया है, इसस संदेह निर्माण होता है कि कहीं पानसरे की हत्या में गायकवाड तो शामिल नहीं थे? चाहे एमएलए हाउस की कैंटिन में मारपीट का मामला हो, पुलिस सुरक्षाकर्मी से अपनी कार धुलवाने का मामला हो, या अब प्रशांत अंबी को धमकी देना हो। गायकवाड ने बुलढाणा जिले को बदनाम करने का बीड़ा उठा रखा है। वे सत्ताधारी पार्टी के विधायक हैं और खुद को शिवाजी महाराज का वंशज बता रहे हैं. उनकी भाषा के स्तर को देखें तो शिवाजी महाराज का नाम भी उनके मुंह पर नहीं आना चाहिए, क्योंकि वे उसके लायक नहीं हैं।
सपकाल ने कहा कि प्रशांत आंबी को सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई है। पानसरे जैसा हाल करने की धमकी दी गई है। प्रशांत आंबी को तुरंत सिक्योरिटी देनी चाहिए। जांच की जानी चाहिए कि कहीं विधायक गायकवाड भी गोविंद पानसरे की हत्या में शामिल तो नहीं थे। उनके खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

