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मराठों के साथ हो रहा अन्याय- जरांगे पाटिल

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मुंबई, 08 अगस्त (हि.स.)। महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा फिर तूल पकड़ता जा रहा है। मराठा आंदोलक मनोज जरांगे पाटिल ने आरोप लगाए हैं कि जाति वैधता कार्यालय में कुनबी सर्टिफिकेट रद्द किए जा रहे हैं और मराठा समुदाय के साथ अन्याय किया जा रहा है। मेरे विरोध प्रदर्शन के दौरान मुझे गिरफ्तार किया जा सकता है या मेरी रैली में मुझ पर हमला किया जा सकता है। इसके लिए साजिश रची गई है।

जरांगे पाटिल ने 29 अगस्त से एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करने का एलान किया है। वे मराठा समुदाय के लोगों से बात करने व उन्हें अपनी बात समझाने और विरोध की ऱमनीति तय करने के लिए राज्य का दौरा कर रहे हैं। शनिवार वे पश्चिम महाराष्ट्र के दौरे पर थे। उन्होंने धाराशिव के तुलजाभवानी मंदिर का दर्शन किया। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुझे सुबह 5 बजे पता चला कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मेरे खिलाफ साजिश रची है। मेरी रैली पर पत्थरबाजी हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कुछ कुनबी प्रमाणपत्र रद्द करने के मामले में कोडेड भाषा में आदेश दिए थे। यह अन्याय अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कुनबी प्रमाणपत्र से जुड़े दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि मराठा समुदाय के साथ अन्याय किया जा रहा है। मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का कहना है कि यह हमारी गलती नहीं है, गलतफहमी हुई है। तो फिर असल में यह प्रमाणपत्र रद्द करने की वजह क्या है? उन्होंने पूछा कि वर्षा बोडके का कुनबी प्रमाणपत्र रद्द कर दिया गया. लेकिन उनके भाई का प्रमाणपत्र वैलिड है। ऐसा कैसे हो सकता है? नौ जिलों में 61 सर्टिफिकेट कैंसिल किए गए हैं।

जरांगे पाटिल ने दावा किया कि वेरिफिकेशन कमेटी ने कुनबी प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया था। लेकिन राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के आदेश पर प्रमाणपत्र रद्द किए जा रहे हैं। प्रमाणपत्र पर लिखे गए 'पैसे दो' शब्दों का क्या मतलब है? सरकार ने धनगरों समेत कई समुदायों के साथ ऐसा ही बर्ताव किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार