ठाणे ईस्ट में पार्क में अवैध वाहन पार्किंग से बुजुर्ग असुरक्षित -डॉ प्रशांत
मुंबई,17 मार्च ( हि.स.) । ठाणे शहर में ईस्ट के अष्टविनायक चौक में 'सीनियर सिटिज़न विनायक कट्टा', जिसे मिनी शिवाजी पार्क के नाम से जाना जाता है, आजकल बेतरतीब पार्किंग की वजह से मुश्किल में है। ठाणे के समाजसेवी और वरिष्ठ पत्रकार डॉ प्रशांत का कहना है कि इस कट्टा का असली मकसद, जो सीनियर सिटिज़न के बैठने और इलाके के लोगों के बातचीत करने के लिए बनाया गया था, इसका मकसद ही खत्म हो गया है यह बेलगाम गाड़ियों की भीड़ में खोता जा रहा है। अवैध और अनियमित वाहनों के अवैध पार्किंग से यहां बैठने वाले बुजुर्ग कभी भी हादसे के शिकार हो सकते हैं।लिहाजा इस क्षेत्र को नो पार्किंग घोषित किया जाए।
ठाणे के समाजसेवी और वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत ने बताया कि है कि ठाणे महानगर पालिका ने इस इलाके में सीनियर सिटिज़न के लिए यह खास कट्टा बनवाया था, जो हमेशा सांस्कृतिक सामाजिक , राजनैतिक और शैक्षणिक गतिविधियों से भरा रहता है। कुछ महीने पहले, कट्टा का शेड खराब हो जाने के बाद, राज्य के उप मुख्य मंत्री एकनाथ शिंदे के कोष से इस कट्टा को दुरुस्त करवाया गया। एक मज़बूत ग्रेनाइट पत्थर की बेंच लगाई गई और चौक के हिसाब से एक सुंदर 'सीनियर सिटिज़न विनायक कट्टा' बनवाया गया।
लेकिन, नूतनीकरण के बाद भी, फेंस के सामने अव्यवस्थित पार्किंग की तस्वीर बनी हुई है। फेंस के सामने टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर की लाइन देखी जा सकती है। लोकल लोगों की शिकायत है कि लोकल गाड़ियों के बजाय बाहर से आने वाली गाड़ियां यहां मनमाने तरीके से पार्क की जाती हैं। और बुजुर्गों के लिए बनाए गए विनायक कट्टा स्थल की दुर्गति हो रही है ,लिहाजा बुजुर्ग महिला और पुरुष यहां आने से डरते हैं।
गाड़ियों की इस अतिक्रमण वाली पार्किंग ने सीनियर सिटिजन के लिए फेंस पर बैठना मुश्किल कर दिया है। इस वजह से, यह खूबसूरती से बना ‘सीनियर सिटिजन विनायक कट्टा’ अक्सर सुनसान दिखता है। इसलिए, लोगों की मांग है कि कोई भी गाड़ी फेंस के सामने पार्क न हो, इसके लिए पक्की प्लानिंग की जाए।
ठाणे ईस्ट में स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और ट्रैफिक डिपार्टमेंट मिलकर इस जगह को ‘नो पार्किंग’ ज़ोन घोषित करें, और बिना इजाज़त पार्किंग पर रोक लगाने के लिए रेगुलर सज़ा देने वाली कार्रवाई भी करें। नहीं तो, डर है कि सीनियर सिटिजन के लिए बनी यह सुविधा सिर्फ़ कागज़ों पर ही रह जाएगी।
इधर ठाणे पूर्व के समाजसेवी पांडुरंग दलवी ने कहा कि _“क्योंकि गाड़ियां सड़क के सामने पार्क की जा रही हैं, इसलिए इसका असली मकसद ही खत्म होता दिख रहा है। पुलिस प्रशासन को तुरंत यहां ‘नो पार्किंग’ लागू करना चाहिए और सही मायने में लोगों के लिए सड़क खोलनी चाहिए।”
ठाणे ईस्ट में यातायात शाखा के प्रमुख का कहना है कि_ “स्थानीय नागरिकों की मांग पर अष्टविनायक चौक पर सड़क के सामने पार्क की गई गाड़ियों के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। भविष्य में भी ऐसी अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।”
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा

