ठाणे मुंबई में बाइक टैक्सी में महिलाएं असुरक्षित-डॉ प्रशांत
मुंबई,22 अप्रैल( हि,. स.) । 'बाइक टैक्सी' ने अब मुंबई और ठाणे शहरों की लाइफ़लाइन माने जाने वाले रोड ट्रांसपोर्ट में अपनी जगह मज़बूती से बना ली है। लेकिन, यह देखा जा रहा है कि इस सफ़र के दौरान महिलाओं और खासकर जवान लड़कियों की सुरक्षा दांव पर लगी रहती है। इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान देते हुए, पर्यावरणविद डॉ. प्रशांत सिनकर ने राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप को एक लेटर लिखकर इस पर खास ध्यान देने और सख़्त सुरक्षा नियम लागू करने की मांग की है।
ज्यादातर दफ्तर जाने वाली महिलाएं और कॉलेज की छात्राएं ट्रैफ़िक जाम से बचने के लिए इस सर्विस को एक सस्ते और कूल ऑप्शन के तौर पर पसंद कर रही हैं। लेकिन, अक्सर यात्रियों के लिए बाइक टैक्सी ड्राइवर की अधिकृत पहचान निश्चिंत करना नामुमकिन होता है। क्या ड्राइवर सच में रजिस्टर्ड है? या कोई यात्रियों को प्राइवेट बाइक पर लिफ्ट दे रहा है? इससे असमंजस पैदा हो रहा है, और डॉ. सिनकर ने अपने पत्र में आशंका व्यक्त करते हुए कहा है कि इससे अपराधिक प्रवत्ति को बढ़ावा मिलेगा।
डॉ. प्रशांत सिनकर की मुख्य मांगों में बाइक टैक्सी चलाने वालों के लिए एक खास ड्रेस कोड ज़रूरी करना, ड्राइवर की जैकेट और गाड़ी पर रजिस्ट्रेशन नंबर साफ़-साफ़ दिखाना, हर ड्राइवर को काम पर रखने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन ज़रूरी करना, और सभी राइड्स की रियल-टाइम ट्रैकिंग को पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ना शामिल है।
ठाणे और मुंबई में इस सर्विस के बढ़ने से अब सबका ध्यान इस बात पर है कि परिवहन विभाग और राज्य सरकार क्या कदम उठाती है। डॉ. सिनकर पहले ही लोगों के हित के कई सवाल उठा चुके हैं, और अब महिलाओं की सुरक्षा के लिए उन्होंने जो लड़ाई शुरू की है, उसे नागरिकों का बहुत प्रतिसाद मिल रहा है।ठाणे में पर्यावरणविद डॉ प्रशांत सिनकर के अनुसार -यात्रा न सिर्फ़ आसान और अच्छी होनी चाहिए, बल्कि सुरक्षित भी होनी चाहिए। खासकर रात में यात्रा करने वाली महिलाओं को डरना नहीं चाहिए बल्कि उन्हें सुरक्षा का भरोसा होना चाहिए। सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और तुरंत नियम बनाने चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा

