ठाणे में बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षक आदर्श पुरस्कार से सम्मानित
मुंबई,04 सितंबर (हि. स.) । ठाणे ग्रामीण इलाकों में विद्यार्थियों को अच्छी, नई आधुनिक और पूरी शिक्षा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों की शिक्षण गुणवत्ता को लगातार बेहतर बनाने में शानदार काम करने वाले अध्यापकों के योगदान को देखते हुए, आज, 4 सितंबर, 2026 को बी. जे. हाई स्कूल में ‘आदर्श शिक्षक सम्मान 2026-27’ महोत्सव जोश के साथ हुई।
इस इवेंट में विधायक संजय केलकर, निरंजन डावखरे, ज्ञानेश्वर म्हात्रे मौजूद थे। कार्यक्रम में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजीत यादव, मुख्य लेखा और वित्त अधिकारी वैजनाथ बुरुडकर, शिक्षा व अधिकारी (प्राथमिक) बालासाहेब रक्षे, शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) देवीदास महाजन, आदि उपस्थित थे ।
विधायक संजय केलकर ने आदर्श शिक्षक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को बधाई दी और शिक्षकों के काम की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षक सिर्फ़ वो को किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनकी व्यक्तित्व और भविष्य बनाने में भी अहम रोल निभाते हैं।
विधान परिषद विधायक निरंजन डावखरे ने कहा कि अध्यापकों को काम करते समय कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। वे टीचर्स के अलग-अलग मुद्दों पर लगातार लेजिस्लेटिव असेंबली में अपना पक्ष रखते रहे हैं, और उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को हल करने के लिए ज़रूरी फॉलो-अप किया जाएगा।
उन्होंने टीचर्स की सैलरी बढ़ाने को लेकर भी भविष्य में कोशिश करने का वादा किया। उन्होंने सभी टीचर्स को टीचर्स डे की बधाई देते हुए स्टूडेंट्स के ब्राइट फ्यूचर के लिए टीचर्स द्वारा किए जा रहे कामों के लिए शुक्रिया अदा किया।
आज के स्टूडेंट्स भविष्य में अलग-अलग फील्ड में काम करते हुए अपनी अलग पहचान बनाएंगे। उन्होंने कहा कि टीचर्स को स्टूडेंट्स के ऑल-राउंड डेवलपमेंट के लिए इस तरह कोशिश करनी चाहिए कि टीचर्स को स्टूडेंट्स की सफलता पर गर्व महसूस हो।
उन्होंने टीचर्स के नाम के आगे ‘Tr.’ टाइटल जोड़ने के मुद्दे पर भी पॉजिटिव रुख अपनाया और इस बारे में ज़रूरी एक्शन लेने की अपील की।इस मौके पर विधायक ज्ञानेश्वर म्हात्रे ने मांग की कि सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी टीचर्स को भी अवार्ड मिलना चाहिए और सभी अवार्ड जीतने वाले टीचर्स को बधाई दी। अलग-अलग पेंडिंग मुद्दों पर टीचर्स को गाइड करते हुए, उन्होंने अस्वास्थ प्रगति योजना, इंटर-डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर और पवित्र पोर्टल पर भर्ती जैसे मुद्दों पर भी कमेंट किया।
उन्होंने कहा कि यह उनकी और सभी टीचर्स की ज़िम्मेदारी है कि ज़िला परिषद का एक भी स्कूल बंद न हो। इन दिनों, बहुत से छात्र छात्राएं मोबाइल फ़ोन के आदी हो गए हैं। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे उन्हें मोबाइल फ़ोन के ज़्यादा इस्तेमाल से दूर रखने और एक अच्छी और काबिल ज़िंदगी बनाने के लिए खास कोशिश करें।
प्रोग्राम की शुरुआत करते हुए, एजुकेशन ऑफिसर (प्राइमरी) बालासाहेब रक्षे ने आदर्श शिक्षक अवार्ड के लिए चुने गए टीचर्स को बधाई दी। उन्होंने बताया कि यह प्रोग्राम मुख्य कार्यकारी अधिकारी रंजीत यादव के देख- रेख आयोजित किया गया था।
अवॉर्ड जीतने वाले टीचर्स को बधाई देते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी रंजीत यादव ने कहा कि आज की 'जेन Z' जेनरेशन हमारे सामने अलग-अलग चैलेंज और बड़े मौके लेकर आ रही है। उन्होंने कहा कि टीचर्स की यह अहम ज़िम्मेदारी है कि वे इन विद्यार्थियों को अपनी स्किल्स से आगे बढ़ाएं और उनकी क्षमता को सही दिशा दें।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा

