वसई के संत गोन्सालो गार्सिया महाविद्यालय के हिंदी विभाग ने किया हिंदी सप्ताह का आयोजन
मुंबई, 28 सितंबर, (हि. स.)। वसई के संत गोन्सालो गार्सिया महाविद्यालय के हिंदी विभाग की ओर से हिंदी सप्ताह का आयोजन किया गया। हिंदी विभाग ने महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए हिंदी निबंध, स्वरचित हिंदी कविता लेखन, हिंदी कविता-पाठ, शेरो-शायरी, गीत गायन, हिंदी शुद्धलेखन, सुंदर हस्तलेखन, भारतीय वेशभूषा एवं नृत्य कला प्रदर्शन आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। पर्यावरण सुरक्षा और नशे की आदतों के दुष्परिणाम विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने इन विभिन्न प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में सहभागिता की। इसमें दो सौ से अधिक विद्यार्थी सहभागी हुए। विजेता एवं सहभागी विद्यार्थियों को मान्यवरों के हाथों प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
आयोजन के तहत 28 सितंबर को हिंदी दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि प्राचार्य डॉ. सोमनाथ विभुते थे। हिंदी साहित्य मंडल की अध्यक्ष एश्विता मेहेर तथा कार्याध्यक्ष रूपाली पंडित उपस्थित थीं। कार्यक्रम की शुरुआत ‘हम होंगे कामयाब’ प्रेरणागीत से हुई। महाविद्यालय की छात्रा शाम्भवी मिश्रा ने अपने मधुर स्वर में हिंदी गीत प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का प्रास्ताविक हिंदी विभाग प्रमुख डॉ. रामदास तोंडे ने किया। नेहा राठोड ने कविता प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन जीत लिया। एश्विता मेहेर और रूपाली पंडित ने अपने विचार व्यक्त किए। सेमिनार हॉल के दर्शनीय भाग में भाग्यश्री धोंडे और कोमल गौतम द्वारा बनाई गई आकर्षक रंगोली ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। हिंदी भित्तिपत्रिका ‘बीज’ का प्रकाशन प्रा. रेखा झा के हाथों किया गया।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. विभुते ने कहा कि दुनिया में लगभग सात हजार भाषाएं बोली जाती हैं। हिंदी का विश्व में तीसरा स्थान है। जीवन के सभी क्षेत्रों में हिंदी का प्रचार-प्रसार तेजी से हो रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी और सोशल मीडिया में हिंदी का उपयोग बड़े पैमाने पर हो रहा है। हिंदी भाषा का साहित्य अत्यंत समृद्ध है। मध्यकालीन हिंदी साहित्य में कबीर, सूरदास, तुलसीदास और मीराबाई का योगदान बहुत बड़ा है। आधुनिक हिंदी साहित्य में प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, रामधारी सिंह दिनकर, निराला, महादेवी वर्मा आदि लेखकों का साहित्य प्रेरणादायक है। आखिर में उन्होंने कहा कि महाविद्यालय का हिंदी विभाग अच्छा कार्य कर रहा है। कार्यक्रम का सूत्रसंचालन डॉ. रामदास तोंडे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन प्रा. रेखा झा ने किया। ग्रंथपाल डॉ. चैतन्य वीर, डॉ. अनिल सोनावणे, प्रा. इरमिया थाटू, डॉ. दिनेश काळे तथा महाविद्यालय के विद्यार्थी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित थे। हिंदी साहित्य मंडल के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कार्यक्रम की सफलता के लिए परिश्रम किया।
हिन्दुस्थान समाचार / कुमार

