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वसई के मछुआरों की समस्याओं को लेकर मंत्रालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक

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वसई के मछुआरों की समस्याओं को लेकर मंत्रालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक


-विधायक स्नेहा दुबे-पंडित की मौजूदगी में हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय

मुंबई, 4 नवंबर, (हि. स.)। वसई विधानसभा क्षेत्र के मछुआरों की समस्याओं, पुनर्वास, आजीविका और तटीय विकास के संबंध में मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक मत्स्य पालन एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे की अध्यक्षता में हुई। बैठक में वसई विधानसभा क्षेत्र की विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने वसई तालुका के मछुआरा समुदाय की समस्याओं, मांगों और विकास की विभिन्न अवधारणाओं को विस्तार से प्रस्तुत किया। उनकी पहल पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।बैठक में फैसला हुआ कि नायगांव से घोड़बंदर तक जलमार्ग पर रो-रो सेवा शुरू की जाएगी। अर्नाला किले से गुजरात की ओर जाते समय इस क्षेत्र में चट्टानें तोड़ने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू की जाएंगी और नौकायन मार्ग को जल्द ही साफ किया जाएगा। इसके साथ ही अर्नाला, पाचूबंदर में सुसज्जित मछली बाजार शुरू करने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए। पिछले कुछ दिनों में हुई बेमौसम बारिश के कारण सूखी मछलियों के नुकसान की भरपाई के लिए तुरंत पंचनामा करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी आदेश दिए गए।बैठक में मंत्री नितेश राणे, विधायक स्नेहा दुबे-पंडित के साथ पदुम विभाग के सचिव एन. रामस्वामी, मत्स्यआयुक्त किशोर तावडे, महेंद्र पाटील, बिजेंद्र कुमार, जितेंद्र मेहेर, देवदत्त मेहेर, विजय मेहेर, जयराज डवलेकर, अविनाश चावंडे आदि उपस्थित थे। बैठक के दौरान मंत्री नितेश राणे ने सभी प्रस्तावों को गंभीरता से सुना और तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया। विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने कहा कि वसई के मछुआरे हमारी तटरेखा के आधार स्तंभ हैं। उनके पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के अवसरों के लिए सरकारी स्तर पर प्रयास जारी हैं। इस बैठक में लिए गए निर्णय वसई में मत्स्य पालन की तस्वीर बदल देंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / कुमार