home page

आश्रम स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता जांचने हाई-लेवल कमेटी गठित

 | 

मुंबई, 06 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार ने आदिवासी विकास विभाग के सरकारी आश्रम स्कूलों में सेंट्रल किचन के ज़रिए छात्रों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए नौ सदस्यों की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है। कमेटी सेंट्रल किचन के सिस्टम में कमियों का अध्ययन करेगी, जिसमें स्कूलों तक खाना पहुंचने में लगने वाला समय कम करना भी शामिल है।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 29 अगस्त को आदिवासी विकास विभाग के सरकारी हॉस्टल के छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक हुई थी। इस बैठक में विद्यार्थियों ने सेंट्रल किचन के सिस्टम को लेकर कई मुद्दे उठाए थे। उसके बाद खाने की गुणवत्ता, खाना पहुंचने का समय और सिस्टम के फायदे और नुकसान का अध्ययन करके सुधार के सुझाव देने के निर्देश दिए गए थे।

ठाणे के अपर आयुक्त गोपीचंद कदम कमेटी के चेयरमैन हैं। नासिक के अपर आयुक्त दिनकर पवारा, अंडर सेक्रेटरी प्रदीप मोरे, संयुक्त आयुक्त संतोष ठुबे, घोडेगांव के प्रोजेक्ट ऑफिसर गणेश इवनाते, यूनीसेफ डाइटीशियन, यूएनडीपी स्टेट कोऑर्डिनेटर उज्ज्वल पहुरकर और स्त्री शक्ति के प्रतिनिधि सदस्य हैं। नंदुरबार के प्रोजेक्ट ऑफिसर चंद्रकांत पवार सदस्य सचिव हैं।

कमेटी किचन में जाकर खाने की क्वालिटी, साफ-सफाई, परिवहन और डिलीवरी टाइम चेक करेगी। वे आश्रम स्कूलों में छात्रों और स्कूल प्रबंधन कमेटियों से भी बात करेंगे और उनकी दिक्कतें जानेंगे। कमेटी को 30 अक्टूबर तक आदिवासी विकास आयुक्त को रिपोर्ट देनी है और आयुक्त को 6 नवंबर से पहले अभिप्राय सहित रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार