भारी बारिश, जलभराव के बीच बिजली कटौती से नागरिक बेहाल
मुंबई, 7 जुलाई, (हि. स.)। पालघर जिले के वसई-विरार में भारी बारिश से सड़कों, रेलवे ट्रैक, बाजारों और रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है। कई इलाकों में बिजली नहीं होने से हजारों परिवार 30 से 36 घंटे तक बिजली, पेयजल और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। मंगलवार को भी लोकल ट्रेन सेवाएं बाधित होने से हजारों यात्रियों को वसई और विरार के बीच करीब 12 किलोमीटर तक पैदल सफर तय करना पड़ा।भारी बारिश के बीच बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सुरक्षा के मद्देनजर महावितरण ने नालासोपारा, एवरशाइन, वसई पूर्व, विरार पूर्व तथा ग्रामीण क्षेत्रों सहित कई इलाकों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी। बिजली नहीं रहने से पानी की मोटरें बंद हो गईं और बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले परिवारों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर के निचले इलाकों में तीसरे दिन भी जलभराव बना रहा। वाघलरपाड़ा, मिठागर बस्ती, मधुबन सहित कई क्षेत्रों में लोग घरों में फंसे रहे। अग्निशमन विभाग की टीमों ने नावों के जरिए प्रभावित परिवारों तक भोजन, दवाइयां और आवश्यक सामग्री पहुंचाईं।स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने गंदे पानी में उतरने से बचने की सलाह देते हुए लेप्टोस्पायरोसिस, डेंगू और त्वचा संक्रमण जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ने की चेतावनी दी है। दूसरी ओर नागरिकों का कहना है कि यह संकट केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही बदहाल जलनिकासी व्यवस्था, अवैध निर्माण और अनियोजित शहरीकरण का परिणाम है। बिजली आपूर्ति कंपनी महावितरण का कहना है कि कई विद्युत उपकेंद्र, ट्रांसफॉर्मर और बिजली के बॉक्स पानी में डूब जाने तथा पेड़ गिरने से बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई। जनहानि रोकने के लिए एहतियात के तौर पर आपूर्ति बंद रखी गई थी, जिसे अब चरणबद्ध तरीके से बहाल किया जा रहा है। वहीं वसई-विरार महानगरपालिका का कहना है कि जलनिकासी के लिए पंप लगातार चलाए जा रहे हैं और राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / कुमार

