सशक्त बनेगा हेल्थ नेटवर्क, स्वास्थ्य समितियों को किया जाएगा सक्रिय
मुंबई, 26 अप्रैल (हि.स.)। महाराष्ट्र में शहर से लेकर ग्रामीण स्तर के स्वास्थ्य नेटवर्क को मजबूत और जवाबदेह बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्ती दिखाते हुए स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने निर्देश दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में ढिलाई कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निष्क्रिय पड़ी स्वास्थ्य समितियों को फिर से सक्रिय किया जाएगा।
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स्वास्थ्य मंत्री आबिटकर ने संबंधित अधिकारियों के साथ बेठक कर जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपकेंद्र से लेकर जिला अस्पताल तक सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी। राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जन केंद्रित बनाने के उद्देश्य से सभी स्तरों पर स्वास्थ्य समितियों के पुनरुद्धार की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उपकेंद्र से लेकर जिला अस्पताल तक कार्यरत रोगी कल्याण समिति, जन आरोग्य समिति, महिला आरोग्य समिति और ग्राम आरोग्य, पोषण व स्वच्छता समिति को फिर से सक्रिय कर उनकी भूमिका मजबूत की जाएगी।
मंत्री आबिटकर ने बताया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विभिन्न योजनाएं लागू की जा रही हैं, लेकिन इन योजनाओं का लाभ नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर समितियों का सक्रिय होना जरूरी है। इन समितियों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर नजर रखी जा सकती है और स्थानीय जरूरतों के अनुसार तुरंत निर्णय लिए जा सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण व स्वच्छता समिति स्वच्छता, पोषण, जल आपूर्ति और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है।
उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में महिला आरोग्य समिति स्थानीय समुदाय को जोड़कर स्वास्थ्य जागरूकता और सेवा समन्वय सुनिश्चित करती है। जनस्वास्थ्य समिति और रोगी कल्याण समिति स्वास्थ्य संस्थानों में मरीज केंद्रित सेवाओं, सेवा गुणवत्ता और निधियों के पारदर्शी उपयोग की निगरानी करती हैं। इन समितियों में जनप्रतिनिधियों, महिला समूहों, युवा संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और एनजीओ की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

