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ठाणे जिले में सेहत मुहिम वेग से -नंदपुरकर उप निदेशक स्वास्थ विभाग

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ठाणे जिले में सेहत मुहिम वेग से -नंदपुरकर उप निदेशक स्वास्थ विभाग


मुंबई,26 फरवरी ( हि.स.) । राष्ट्रीय स्वास्थ सेवा मुहिम के तहत चलाए गए कई खास अभियान ने ठाणे जिले में रफ़्तार पकड़ ली है और जिले का हेल्थ सिस्टम 31 मार्च 2026 तक तय टारगेट पूरा करने के लिए जंगी स्तर पर काम कर रहा है। पब्लिक हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर डिपार्टमेंट के निर्देशों के मुताबिक, सिकल सेल स्क्रीनिंग, एलिफेंटियासिस खत्म करना, टीबी के मरीजों के लिए न्यूट्रिशनल सपोर्ट, गर्भवती मांओं में गंभीर एनीमिया का इलाज, कुष्ठ रोग की रोकथाम और नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज स्क्रीनिंग जैसी सभी एक्टिविटीज़ कोऑर्डिनेशन के ज़रिए असरदार तरीके से लागू की जा रही हैं।

हेल्थ मिनिस्टर प्रकाश अबितकर के निर्देशन में नियोजित किए गए खास हेल्थ कैंपेन को रफ़्तार दे दी गई है। “अरुणोदय” सिकल सेल एनीमिया कैंपेन के तहत शहरी, ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की जा रही है। संदिग्ध मरीजों को आगे की स्क्रीनिंग, काउंसलिंग और मुफ्त इलाज की सुविधा देकर सिकल सेल-फ्री महाराष्ट्र की तरफ ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

जन्मजात दोष, दिल की बीमारी और दूसरी गंभीर बीमारियों वाले बच्चों की जांच की जा रही है और सरकारी और मान्यता प्राप्त अस्पतालों में ज़रूरी सर्जरी की जा रही हैं। माता-पिता के बीच जागरूकता बढ़ाने और योजना के ज़्यादा से ज़्यादा लाभार्थियों तक पहुंचने पर ज़ोर दिया जा रहा है।गर्भवती माताओं में गंभीर एनीमिया( रक्त की कमी) की गंभीर समस्या को देखते हुए, आयरन सुक्रोज या फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज इंजेक्शन के ज़रिए मुफ़्त इलाज दिया जा रहा है। रेगुलर जांच, काउंसलिंग और पोषण संबंधी सलाह के ज़रिए मां और बच्चे की मृत्यु दर को कम करने की कोशिश की जा रही है।

एलिफेंटियासिस ( हाथी रोग) उन्मूलन प्रोग्राम के तहत ज़िले में एक यूनिवर्सल दवा अभियान चलाया गया। 6,94,128 की योग्य आबादी में से 2,78,929 नागरिकों ने दवा ली है और अभी 40.18 प्रतिशत कवरेज दर्ज किया गया है। बाकी नागरिकों तक पहुंचने के लिए, स्थानीय जनप्रतिनिधियों के ज़रिए खास जन जागरूकता, घर-घर जाकर मुलाकातें और अपील की जा रही हैं।

ट्यूबरकुलोसिस फ्री महाराष्ट्र मिशन के तहत, ‘निक्षय मित्र’, एनजीओएस और सीएसआर पार्टनर्स के साथ मिलकर इलाज करा रहे मरीज़ों को पौष्टिक खाने की किट दी जा रही हैं और न्यूट्रिशनल सपोर्ट दिया जा रहा है। इलाज में रेगुलर रहने और दवा पूरी करने पर खास ज़ोर दिया जा रहा है।

कुष्ठ रोग की रोकथाम के लिए नए मरीज़ों के करीबी कॉन्टैक्ट्स को सिंगल डोज़ रिफैम्पिसिन देने का कैंपेन अच्छे से चलाया जा रहा है। ट्रेंड हेल्थ वर्कर और आशा वर्कर कॉन्टैक्ट स्क्रीनिंग, काउंसलिंग और फॉलो-अप कर रहे हैं।

साथ ही, 30 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों की हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की स्क्रीनिंग गांव लेवल पर PBS तरीके से और आबादी के आधार पर स्क्रीनिंग आयुष्मान आरोग्य मंदिर और एनसीडी क्लिनिक के ज़रिए की जा रही है। नए मरीज़ों का तुरंत इलाज किया जा रहा है और रेगुलर फॉलो-अप किया जा रहा है।

राज्य के स्वास्थ विभाग के उप निदेशक अशोक नंदपुरकर का कहना है कि हेल्थ सिस्टम, ठाणे, पालघर और रायगढ़ तीनों जिलों में स्पेशल हेल्थ मिशन की सभी स्कीमों को असरदार तरीके से लागू करने और मार्च 2026 तक 100 परसेंट टारगेट हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम सरकार, प्रशासन और लोगों की सक्रिय भागीदारी से एक ‘सेहतमंद समाज’ बनाने के लिए पक्का इरादा रखते हैं।”

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा