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नाना-नानी पार्क नहीं हटने देंगे - विधायक केलकर

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नाना-नानी पार्क नहीं हटने देंगे - विधायक केलकर


मुंबई ,24 अप्रैल ( हि.स.) । हेल्थ सेंटर की ज़रूरत है, लेकिन नाना नानी पार्क की जगह नहीं। कमिश्नर और अधिकारियों ने इस पर सहमति जताई थी, लेकिन लोगों के विरोध के बावजूद हेल्थ डिपार्टमेंट का कंटेनर रखा हुआ था। अधिकारियों को राजनीति न करने की चेतावनी देते हुए, विधायक संजय केलकर ने कड़ा रुख अपनाया है कि वे नाना नानी पार्क को नहीं हटने देंगे।

ठाणे के विधायक केलकर खोपट में बीजेपी कार्यालय में हुए जनसेवकों के जनसंवाद में बोल रहे थे। इस मौके पर नगरसेवक दीपक जाधव, सुनेश जोशी, सुरेश कांबले, नगरसेविका नम्रता कोली, जयेंद्र कोली, शेखर पाटिल, विशाल वाघ मौजूद थे।

इधर ठाणे में ज्ञानेश्वर नगर में आस-पास कोई पार्क न होने की वजह से जनप्रतिनिधि और निवासी नाना नानी पार्क चाहते हैं। उनकी मांग को नज़रअंदाज़ करते हुए और दूसरों के हितों की रक्षा करते हुए हेल्थ सेंटर का कंटेनर ज़बरदस्ती लाया गया। इस बारे में उन्होंने ठाणे मनपा आयुक्त और अधिकारियों से बात की थी। उनके सहमत होने के बाद भी कंटेनर लाना गलत था। अधिकारियों पर लोगों का काम करने के बजाय राजनीति करने का आरोप लगाते हुए, केलकर ने दोहराया कि वे पार्क को हटाने नहीं देंगे।

ठाणे रेलवे स्टेशन पर सैटिस ब्रिज पर एक राज्य परिवहन बस में आग लग गई। पास में कोई फायर स्टेशन न होने के कारण समय रहते हादसे की गंभीरता को कम नहीं किया जा सका। बीजेपी नेता केलकर ने कहा कि फायर डिपार्टमेंट दादोजी कोंडदेव स्टेडियम में दो फायर ब्रिगेड गाड़ियां देने पर सहमत हो गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं होने पर समय पर मदद पहुंच सके।

जनसेवकच जनसंवाद कार्यक्रम में कुछ छोटे उद्यमी भी शामिल हुए और शिकायतें कीं। कल्याण-पड़घा रोड पर राज्य सरकार के विकास कार्य चल रहे हैं और एक बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को काम दिया गया है। इस कंपनी से कई छोटी कंपनियों ने काम लिया है। वर्क ऑर्डर के हिसाब से काम करने के बावजूद, मेन कंपनी ने करोड़ों के बिल नहीं चुकाए हैं, जिससे छोटे बिजनेसमैन फाइनेंशियल संकट में आ गए हैं। इस बाते में केलकर ने इस बारे में ग्रामीण पुलिस सुपरिटेंडेंट से बात की है और ज़रूरत पड़ने पर केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

प्रोग्राम में मिली शिकायतों के मुताबिक, एजुकेशन ऑफिसर से बात करके घोड़बंदर के सीबीएसई स्कूल के खिलाफ जांच की जाएगी, वहीं आरटीओ ऑफिस में करप्शन रोकने के लिए आरटीओ को ब्रोकर-फ्री बनाने के बारे में रीजनल ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के कमिश्नर से बात की गई। इसके मुताबिक, केलकर ने बताया कि एक एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। प्रोग्राम में फाइनेंशियल कंपनियों द्वारा फ्रॉड, रीडेवलपमेंट स्कीम में फ्रॉड वगैरह की शिकायतें मिलीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा