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सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल जारी

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मुंबई, 23 अप्रैल (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार के कर्मचारियों की हड़ताल लगातार तीसरे तीन गुरुवार को भी जारी रही। कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर सरकारी स्तर पर कोई मीटिंग न होने पर कोऑर्डिनेशन कमेटी ने घोषणा की है कि हड़ताल चौथे दिन शुक्रवार को भी जारी रहेगी।

राज्य के सरकारी और अर्ध- सरकारी कर्मचारियों ने अपनी 18 लंबित मांगों को लेकर 21 अप्रैल से हड़ताल का ऐलान किया है। कर्मचारियों की इन मांगों को लेकर मंगलवार को मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता में सरकारी- अर्ध सरकारी, टीचिंग-नॉन-टीचिंग कर्मचारियों की कोऑर्डिनेशन कमेटी के सदस्यों के साथ एक मीटिंग बुलाई गई थी। इस मीटिंग में लंबित मांगों को लेकर चर्चा हुई। हालांकि, सरकार ने हमेशा की तरह सभी मांगों को लेकर सहानुभूति तो दिखाई, लेकिन कोई ठोस फैसला लेने में आनाकानी की। संशोधित पेंशन स्कीम को लागू करने को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। इसलिए, कमेटी ने इस बारे में कड़ी नाराजगी जताई है।

पूरे महाराष्ट्र के लाखों कर्मचारियों और शिक्षकों का मानना है कि कर्मचारियों के हितों में एकता के लिए चल रहे संघर्ष का रास्ता राज्य के मज़बूत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ही निकाल सकते हैं। हम पिछले 15 महीनों से मांग कर रहे हैं और सरकार से सही फैसले की उम्मीद कर रहे हैं। लेकिन, सरकार ने आज तक हमारे साथ असंवेदनशीलता दिखाई है। पिछले तीन दिनों से हम हड़ताल के ज़रिए न्याय की उम्मीद कर रहे हैं और यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक हमें पूरा न्याय नहीं मिल जाता। शुक्रवार को चौथे दिन भी हड़ताल जारी रहेगी। कोऑर्डिनेशन कमेटी के कन्वीनर विश्वास काटकर ने साफ़ किया है कि हर ज़िले में विरोध मार्च निकाला जाएगा और सरकार के ख़िलाफ बगावत का आह्वान किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार