24 लाख लाडली बहनों के पैसे अटके
मुंबई, 21 जनवरी (हि.स.)। महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के तहत करीब 24 लाख लाडली बहनों को हर महीने मिलने वाली 1500 रुपये की मदद नहीं मिल सकी है। इसकी वजह ई-केवाईसी प्रक्रिया में पूछा गया एक सवाल बताया जा रहा है।
राज्य सरकार ने योजना की लाभार्थी महिलाओं की जानकारी चेक करने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया था। इस प्रक्रिया में सवाल पूछा गया था कि क्या आपके परिवार में कोई सरकारी नौकरी में है? हालांकि कई महिलाएं यह सवाल ठीक से समझ नहीं पाईं। इस वजह से कई महिलाओं ने गलत जवाब दिए। महिलाओं ने नहीं का जवाब देने के बजाय हां कहा। इन गलत जवाबों की वजह से सरकारी महकमे को लगा कि संबंधित महिला या उनके परिवार के सदस्य सरकारी कर्मचारी हैं। नियमों के मुताबिक, सरकारी कर्मचारियों के परिवार की महिलाओं को इस स्कीम का फायदा नहीं मिलता है। इसलिए, 24 लाख लाभार्थी महिलाओं के पैसे तुरंत रोक दिए गए।
यह बात समझने के बाद राज्य सरकार ने हालात सुधारने के लिए कदम उठाए हैं। अब आंगनवाड़ी सेविकाओं और दूसरे कर्मचारी लाभार्थी महिलाओं के घर जाकर जानकारी चेक करेंगे। सही प्रमाण पत्र जमा करने के बाद पात्र महिलाओं को योजना का लाभ देने की प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत पूरे राज्य में करोड़ों महिलाओं को हर महीने आर्थिक मदद दी जाती है। हालांकि ई-केवाईसी में इस तकनीकी और भाषाई भ्रम की वजह से कई जरूरतमंद महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार ने इस मसले को जल्द से जल्द सुलझाने का भरोसा दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

