कचरे का ढेर रहा महाराष्ट्र प्रकृति उद्यान बना हरियाली का प्रतीक
मुंबई, 27 जून (हि.स.)। कभी कचरे का ढेर और बदहाल रहा मुंबई का महाराष्ट्र प्रकृति उद्यान पर्यावरण संरक्षण व जनसहभागिता का एक सफल उदाहरण बनकर उभरा है। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण और जनभागीजारी के प्रयासों से यह हरा भरा हो गया है।
मुंबई स्थित ब्रिटिश उप उच्चायोग के राजनीतिक व द्विपक्षीय मामलों के प्रमुख जॉन एम. निकेल ने महाराष्ट्र प्रकृति उद्यान का दौरा किया। उन्होंने उद्यान की समृद्ध जैव विविधता का अवलोकन किया और पर्यावरण संरक्षण व प्रकृति शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने इस पहल को शहरी क्षेत्रों में सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायक मॉडल बताया। एमएमआरडीए ने मुंबईकरों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रकृति संरक्षण की इस मुहिम में नागरिकों का सहयोग ही सबसे बड़ी ताकत है। प्राधिकरण ने विश्वास जताया कि जनभागीदारी के माध्यम से मुंबई महानगर क्षेत्र को और अधिक हराभरा, स्वच्छ, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाएगा, ताकि आधुनिक विकास व प्रकृति संरक्षण के बीच संतुलन कायम रखा जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

