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पूर्व गृहमंत्री देशमुख ने की चांदीवाल कमीशन की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग

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मुंबई, 06 अक्टूबर (हि.स.)। पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन (एमपीएससी) की परीक्षाओं में गड़बड़ी और ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक मामले के बाद राज्य सरकार द्वारा घोषित न्यायिक जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है और पूछा है कि क्या न्यायिक जांच का वादा सिर्फ विद्यार्थियों की नाराजगी को शांत करने के लिए लिया गया है।

देशमुख ने पत्र में लिखा है कि हाई कोर्ट के रिटायर्ड जजों से एमपीएससी की गड़बड़ियों की जांच की मांग का स्वागत है। हालांकि इस जांच की रिपोर्ट चांदीवाल कमीशन की रिपोर्ट की तरह पेंडिंग नहीं रहनी चाहिए। जस्टिस के. यू. चांदीवाल की अगुवाई वाले कमीशन ने 13 महीने की जांच के बाद करीब 1400 पेज की रिपोर्ट सौंपी थी। यह रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।

देशमुख ने मांग की है कि चांदीवाल कमीशन की रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक किया जाए और लेजिस्लेटिव टेबल पर रखा जाए। एमपीएससी के चेयरमैन के इस्तीफे के बाद ही न्यायिक जांच शुरू होनी चाहिए। न्यायिक जांच के लिए दो से तीन महीने का समय तय किया जाना चाहिए और रिपोर्ट मिलते ही उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। देशमुख ने यह भी मांग की है कि पेपर लीक के आरोपियों और मास्टरमाइंड के खिलाफ पुलिस या एसआईटी की कार्रवाई जांच चलने के दौरान भी जारी रहनी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार