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ग्रामों में सफाई व अपशिष्ट प्रबंधन का पालन करें - ठाणे डीएम

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मुंबई ,23मई (हि. स.)। केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के तहत पेय जल और सफाई विभाग ने ग्रामीण इलाकों के लिए स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन (“सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट ) नियम2026” लागू कर दिए हैं और ये नियम 1 अप्रैल, 2026 से पूरे देश में लागू हो गए हैं। इन नियमों का असरदार तरीके से पालन करने की अपील डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने आजमई, 2026 को एक ऑनलाइन मीटिंग में की है।

इस मौके पर, ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले सबऑर्डिनेट अधिकारियों और कर्मचारियों और गांववालों ने सॉलिड वेस्ट क्लासिफिकेशन, साइट इंस्पेक्शन और रजिस्ट्रेशन की ज़रूरत के बारे में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 की प्लानिंग करने की पहल की।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर जिला परिषद और ग्राम पंचायतों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसके अनुसार, ग्रामीण इलाकों में साफ-सफाई, कचरे का वर्गीकरण , कचरा एकत्रीकरण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए असरदार उपाय लागू करने पर जोर दिया गया है।

जिले की सभी लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट बॉडी को फॉर्म-4 बांटकर जरूरी जानकारी इकट्ठा करने का निर्देश दिया गया है। इस मौके पर टूरिस्ट जगहों, धार्मिक और तीर्थ स्थलों पर खास सफाई सिस्टम लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का उल्लंघन करने वाले संगठनों, कमर्शियल प्रतिष्ठानों या संबंधित संस्थाओं के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही हर दो हफ्ते में एक रिपोर्ट देना अनिवार्य कर दिया गया है।

ग्रामीण इलाकों में घर-घर से कचरा कलेक्शन सिस्टम को असरदार बनाने पर खास जोर दिया गया है। ग्राम पंचायतों द्वारा गीला और सूखा कचरा अलग-अलग इकट्ठा करने का सिस्टम बनाने, बल्क वेस्ट जेनरेटर को रजिस्टर करने, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट बनाने और पुराने वेस्ट डिपो को खत्म करने पर चर्चा हुई। इसके अलावा, ग्राम पंचायतों के लिए अपने गांव के डेवलपमेंट प्लान में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को शामिल करना ज़रूरी कर दिया गया है। गांव लेवल पर कचरा अलग-अलग करने के बारे में जागरूकता फैलाने, सफाई कैंपेन चलाने और नागरिकों की एक्टिव हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी ज़ोर दिया जा रहा है।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी रंजीत यादव का कहना है कि -“साफ और हेल्दी ग्रामीण इलाके बनाने के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों को असरदार तरीके से लागू करना बहुत ज़रूरी है। ग्राम पंचायतों, लोकल बॉडी और नागरिकों को मिलकर सफाई कैंपेन को सफल बनाना चाहिए। कचरे को सही तरीके से अलग करने और मैनेजमेंट करने से पर्यावरण बचाने में बहुत मदद मिलेगी।”

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा