home page

कचरा प्रबंधन नियमों का उल्लंघन हुआ तो लगेगा जुर्माना

 | 

मुंबई, 21 मई (हि.स.)। मुंबई महानगरपालिका ने कचरा प्रबंधन के नियमों का उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपटने का फैसला किया है। यदि नियमों का पालन नहीं हुओ तो दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

मनपा के नए प्रावधानों के तहत अब आवासीय सोसायटियों, संस्थानों और अधिक मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वाले प्रतिष्ठानों को कचरे का चार अलग-अलग श्रेणियों में पृथक्करण करना अनिवार्य होगा। निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित सोसायटी या संस्था के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मनपा अधिकारियों के अनुसार महानगर में ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (एसडब्ल्यूएम) नियम-2026 लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप तैयार किए जा रहे इन नियमों का मुख्य उद्देश्य कचरे के स्रोत पर ही उसका वर्गीकरण सुनिश्चित करना है, ताकि पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक निपटान की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सके.

नई व्यवस्था के तहत हर घर, हाउसिंग सोसायटियों और संस्थानों को कचरे को चार हिस्सों में अलग-अलग रखना होगा। पहली श्रेणी गीले कचरे की होगी, जिसमें रसोईघर और खाद्य पदार्थों से निकलने वाला जैविक अपशिष्ट शामिल रहेगा। दूसरी श्रेणी सूखे कचरे की होगी, जिसमें कागज, प्लास्टिक, धातु और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री रखी जाएगी। तीसरी श्रेणी सैनिटरी वेस्ट की होगी, जिसमें डायपर, सैनिटरी नैपकिन और घरेलू उपयोग से निकलने वाला स्वास्थ्य संबंधी कचरा शामिल होगा। चौथी और सबसे संवेदनशील श्रेणी स्पेशल केयर वेस्ट की होगी, जिसमें पुरानी बैटरियां, एक्सपायर दवाइयां, सिरिंज, पेंट के डिब्बे, बल्ब और ट्यूबलाइट जैसे हानिकारक पदार्थों को अलग रखना जरूरी होगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार