ठाणे के ज्ञानसाधना कॉलेज में टूटी टहनी से हादसा होते- होते बचा
मुंबई, 05अगस्त ( हि.स.) । ठाणे शहर के पूर्वी छोर में ज्ञान साधना कॉलेज के पास खतरनाक तरीके से लटकी एक पेड़ की बड़ी टहनी को हटाने के लिए म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की वृक्ष प्राधिकरण विभाग ने छटाई शुरू की। लेकिन, बिना किसी ट्रैफिक प्लानिंग के सड़क बंद होने से मरीज़ों, विद्यार्थियों और वाहन चालकों को बहुत परेशानी हुई।
पराबवाड़ी इलाके में एक बड़े पेड़ की टहनी टूटकर सड़क पर खतरनाक तरीके से लटकी हुई थी। क्योंकि यह कभी भी गिर सकती थी, इसलिए ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने किसी भी संभावित हादसे को रोकने के लिए तुरंत खतरनाक टहनी को हटाने का काम शुरू कर दिया। खुशकिस्मती से, इस घटना में किसी की जान नहीं गई।
हालांकि, वृक्ष छाटने का काम शुरू होने से पहले ट्रैफिक को डायवर्ट करने की कोई प्लानिंग नहीं की गई थी। इस वजह से, इलाज के लिए ठाणे जिला सामान्य अस्पताल जा रहे मरीज़ों, स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी, काम पर जा रहे आम लोगों और ड्राइवरों को बहुत परेशानी हुई। चूंकि सड़क बंद थी, इसलिए लोकल एक्टिविस्ट ने ड्राइवरों से दूसरा रास्ता अपनाने की अपील की। इस दौरान कुछ ड्राइवरों और सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता के बीच कहासुनी भी हुई।
खास बात यह है कि जब छंटाई का काम चल रहा था, तो म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की वृक्ष प्राधिकरण विभाग का कोई भी ज़िम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं था। इसलिए, स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए कि क्या छंटाई वैज्ञानिक तरीके से की जा रही थी, और ट्रैफिक मैनेजमेंट और लोगों की सुरक्षा की प्लानिंग के लिए कौन ज़िम्मेदार था।
ठाणे के पर्यावरणविद डॉ प्रशांत सिनकर ने इस मामले में कहा कि -खतरनाक डालियों को हटाना एक ज़रूरी बचाव का सुरिक्षत तरीका है। हालांकि, ऐसे काम के साथ-साथ ट्रैफिक प्लानिंग, लोगों को पहले से बताना, और संबंधित अधिकारियों की सीधी निगरानी में काम करना भी उतना ही ज़रूरी है। अगर सुरक्षा और प्लानिंग के बीच ताल- मेल बनाया जाए, तो लोगों की परेशानी से बचा जा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा

