एफडीए के निशाने पर ब्लड बैंक, 880 लाइसेंसधारकों पर कार्रवाई
मुंबई, 07 सितंबर (हि.स.)। महाराष्ट्र अऩ्न व औषधि प्रशासन (एफडीए) के निशाने पर अब मेडिकल और बल्ड बैंक आ गए हैं। दवाओं की गुणवत्ता में लापरवाही बरतने वाले निर्माता और विक्रेताओं पर कार्रवाई जारी है। जून से अगस्त महीने के बीच मेडिकल, दवा निर्माण केंद्रों और ब्लड बैंकों समेत 2,902 ठिकानों की जांच की गई। इस दौरान 880 लाइसेंसधारकों पर कार्रवाई करते हुए 104 ठिकानों से 11.41 करोड़ रुपए का अवैध दवाओं और सौंदर्य प्रसाधनों का माल जब्त किया गया है। 20 अपराध दर्ज कर 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
एफडीए की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार दवा निर्माण केंद्रों की जांच में प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी, उत्पादन संबंधी दस्तावेजों की जांच में खामियां, निरीक्षण प्रक्रिया में त्रुटियां और बिना मंजूरी वाली दवाओं के निर्माण जैसे मामले सामने आए हैं। वहीं कुछ ब्लड बैंकों में रक्त संक्रमण अधिकारी की उपलब्धता, रक्त भंडारण के रिकॉर्ड, तापमान नियंत्रण और उपकरणों के रखरखाव को लेकर गंभीर कमियां पाई गई हैं।
दवा बिक्री केंद्रों पर नियमों का पालन किए बिना दवाएं देना और एक्सपायरी डेट वाली दवाओं को बिक्री के लिए रखना भी सामने आया है। गंभीर अथवा बार-बार नियम तोड़ने वाले लाइसेंसधारकों को नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दिया गया था। इसके बाद दोषियों के लाइसेंस निलंबित या रद्द किए गए। एफडीए ने स्पष्ट किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

