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एफडीए के 29 अधिकारियों के बगावती तेवर, मुंढे के खिलाफ मंत्री झिरवल से शिकायत

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मुंबई, 31 जुलाई (हि.स.)। अन्न व औषधि प्रशासन (एफडीए) आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में मिलावटखोरों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर सुर्खियों में है। एफडीए के कामों की प्रशंसा हो रही है, लेकिन इसी बीच खबर आई है कि एफडीए के 29 अधिकारियों ने मुंढे के खिलाफ बगावती सुर अपनाया है। उन्होंने एफडीए मंत्री नरहरि झिरवल से मुंढे के खिलाफ ज्यादा काम कराने की शिकायत की है।

छत्रपति संभाजीनगर में एफडीए प्रयोगशाला के कुल 29 अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुंढे के काम करने के तरीके पर आपत्ति जताई है। झिरवल से की गई लिखित शिकायत में कहा गया है कि दो शिफ्ट में काम करने का निर्णय, शनिवार-रविवार और सार्वजनिक छुट्टी के दिन भी काम करने के आदेश, खाली पदों के कारण बढ़ा हुआ काम का बोझ व इससे नमूनों की जांच की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। शिकायती पत्र पर अधिकारियों और कर्मचारियों के हस्ताक्षर भी हैं।

आरोप लगाया गया है कि भारतीय औषध संहिता (आईपी), ब्रिटिश (बीपी ) व यूएसपी जैसे मानकों के अनुसार जांच के लिए पर्याप्त समय चाहिए, लेकिन वह नहीं मिल रहा है. प्रयोगशाला में अचानक दो शिफ्ट शुरू करने का फैसला लिया गया, लेकिन उसके लिए जरूरी कर्मचारी उपलब्ध नहीं है। बड़ी संख्या में खाली पदों पर नियुक्ति न होने से वर्क लोड का बोझ मौजूदा कर्मचारियों पर पड़ रहा है। शनिवार, रविवार और सार्वजनिक छुट्टी के दिन भी काम करने का आदेश दिया गया है। बढ़े हुए काम के मुकाबले अतिरिक्त कर्मचारी, तकनीकी सहायक और संसाधन उपलब्ध नहीं है। खाने-पीने की चीजों, दवाओं और सौंदर्य प्रसाधनों के लंबित नमूनों का निपटारा जल्दबाजी में करवाया जा रहा है, जिससे विश्लेषण की गुणवत्ता पर असर पड़ने का डर है। एक टेक्नीशियन महीने में सीमित नमूनों की ही जांच कर सकता है, लेकिन उस पर ज्यादा नमूने जांचने का दबाव है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार