दूध में मिलावटखोरों के खिलाफ एफडीए की कार्रवाई
मुंबई, 07 अक्टूबर (हि,स.)। अन्न व औषधि प्रशासन (एफडीए) ने नकली और मिलावटी दूध बनाने वाले बड़े संगठित नेटवर्क पर कार्रवाई की है। पुणे और सोलापुर जिले में छापेमारी की गई, जिसमें दूध में डिटर्जेंट और इंसानी सेहत के लिए बेहद घातक केमिकल पाए गए। इस मामले में अब तक 37 आरोपियों की पहचान कर 25 को गिरफ्तार किया जा चुका है और 26 डेयरियों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
पुणे के नवकार डिस्ट्रीब्यूटर्स पर छापा मारकर भारी मात्रा में स्किम्ड मिल्क पाउडर, व्हे पाउडर, डिटर्जेंट और इमल्सीफायर जब्त किए गए। मुख्य आरोपी सुशांत हिंगे से पूछताछ में खुलासा हुआ कि फैट और गाढ़ापन बढ़ाने के लिए खाद्य तेल और पाउडर का इस्तेमाल होता था, जबकि इन्हें आपस में मिलाने के लिए डिटर्जेंट और नॉनिलफेनॉल इथॉक्सीलेट जैसे औद्योगिक केमिकल मिलाए जा रहे थे। मंचर की आकाश डेयरी और अथर्व मिल्क से लिए गए नमूनों की लैब जांच में डिटर्जेंट और केमिकल की पुष्टि हुई।
सोलापूर के मालशिरस स्थित महालक्ष्मी मिल्क प्रोडक्ट्स और डेलीविश एग्रो डेयरी पर कार्रवाई करते हुए 16,730 लीटर मिलावटी दूध मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। जांच में सामने आया कि महालक्ष्मी मिल्क से टैंकरों के जरिए यह मिलावटी दूध सीधे इंदापुर डेयरी एंड मिल्क प्रोडक्ट्स यानी सोनाई डेयरी को सप्लाई किया जा रहा था। मालशिरस पुलिस स्टेशन में संबंधित डेयरियों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने चेतावनी दी है कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन केवल मिलावट ही नहीं कच्चा केमिकल बेचने वालों से लेकर अंतिम खरीदार तक पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त करेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

