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7वर्षीय बच्ची को नेत्र ज्योति मिली, ठाणे सिविल में सर्जरी

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7वर्षीय बच्ची को नेत्र ज्योति मिली, ठाणे सिविल में सर्जरी


मुंबई, 17जुलाई ( हि.स.) । डॉक्टरों के लिए इससे बड़ी खुशी की कोई बात नहीं हो सकती कि एक छोटी बच्ची की आँखों में फिर से रोशनी खिल जाए। ठाणे डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट (सिविल) हॉस्पिटल ने एक सात साल की बच्ची की ज़िंदगी में उम्मीद की नई किरण जगाई है, जिसे जन्म से ही दुनिया धुंधली दिखती थी, और अब एक सफल सर्जरी की वजह से वह दोनों आँखों से साफ़ देख सकती है।

मुरबाद की यह छोटी बच्ची जन्म से ही दोनों आँखों में मोतियाबिंद के साथ थी। इस वजह से उसका बचपन दूसरे बच्चों से अलग था। पिछले साल उसकी एक आँख की मोतियाबिंद की सर्जरी सफल रही थी। उसके बाद डिस्ट्रिक्ट सर्जन डॉ. कैलाश पवार और एडिशनल डिस्ट्रिक्ट सर्जन डॉ. धीरज महानगड़े की गाइडेंस में दूसरी आँख की सर्जरी भी सफलतापूर्वक की गई। इस सर्जरी में हाई-क्वालिटी आर्टिफिशियल लेंस लगाए गए और बच्ची अब दोनों आँखों से साफ़ देख सकती है, यह जानकारी आँखों की डॉक्टर डॉ. शुभांगी अंबाडेकर ने दी। जन्मजात मोतियाबिंद वाले बच्चे की सर्जरी करना एक बड़ी मेडिकल चुनौती है। लेकिन, ठाणे सिविल हॉस्पिटल के डॉक्टरों की एक्सपर्टाइज़ ने लड़की की ज़िंदगी से अंधेरा दूर कर दिया है। एक आम परिवार की इस छोटी सी लड़की को नई नज़र के साथ एक सुनहरे भविष्य की उम्मीद मिली है। ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट डॉ. शुभांगी अंबाडेकर, एनेस्थिसियोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका महानगड़े और उनके साथियों ने इस सर्जरी के लिए बहुत मेहनत की।

ठाणे जिला सिविल सर्जन डॉ कैलाश पवार -अगर समय पर पता चल जाए और इलाज हो जाए तो जन्मजात मोतियाबिंद से बचा जा सकता है। अगर आपको शक है कि आपके बच्चे को ठीक से दिखाई नहीं दे रहा है, अगर आपको आँखों में सफेद धब्बे दिखें या रोशनी पर कोई रिस्पॉन्स न हो, तो आपको बिना किसी देरी के नेत्र विशेषज्ञ (ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट) से सलाह लेनी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा