आसमान में दौड़ेगी 'इलेक्ट्रिक टैक्सी'
मुंबई, 20 जुलाई (हि.स.)। अब आसमान में 'इलेक्ट्रिक टैक्सी' दौड़ने लगें तो ताज्जुब नहीं होना चाहिए। भारत ने शहरी हवाई परिवहन की दिशा में बड़ी छलांग लगाई है। देश ने अपना पहला पूर्ण आकार का इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग विमान प्रोटोटाइप तैयार कर लिया है। आईआईटी मद्रास में विकसित इस 'इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सी' को एक बार चार्ज करने पर 110 किलोमीटर तक उड़ान भरने की क्षमता होगी।
चेन्नई स्थित स्टार्टअप द ईप्लेन कंपनी ने आईआईटी मद्रास डिस्कवरी कैंपस में अपने नए उत्पादन संयंत्र में पीटी-01 प्रोटोटाइप का अनावरण किया है। पहले चरण में इसका परीक्षण शुरू किया जाएगा, जबकि 2028 तक एयर एम्बुलेंस सेवा के साथ वाणिज्यिक एयर टैक्सी परिचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल पीटी-01 प्रोटोटाइप चरण में है। इसका व्यावसायिक संचालन सफल परीक्षणों और नियामकीय मंजूरी पर निर्भर करेगा। कंपनी के अनुसार 2027 में जमीनी परीक्षण और प्रमाणन उड़ानें पूरी करने के बाद 2028 में एयर एम्बुलेंस और उसके बाद एयर टैक्सी सेवा शुरू करने का लक्ष्य है।
कंपनी के अनुसार यात्री एयर टैक्सी सेवा शुरू करने से पहले इस विमान का उपयोग एयर एम्बुलेंस के रूप में किया जाएगा। अस्पतालों में पहले से उपलब्ध हेलीपैड और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की जरूरतों को देखते हुए इसे शुरुआती चरण के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है। इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग विमान हेलीकॉप्टर की तरह बिना रनवे के सीधे उड़ान भर सकता है और उतर सकता है। सामान्य विमान की तरह आगे की उड़ान भी भरता है। यह पूरी तरह बैटरी से संचालित कई इलेक्ट्रिक मोटरों और प्रोपेलरों की मदद से उड़ान भरता है। करीब 2.2 टन वजनी पीटी-01 का विंगस्पैन आठ मीटर है और यह एक बार चार्ज करने पर लगभग 110 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है। कंपनी का दावा है कि इसका आकार इतना कॉम्पैक्ट है कि इसे अस्पतालों के हेलीपैड और इमारतों की छतों से भी संचालित किया जा सकता है, जिससे अतिरिक्त बुनियादी ढांचे की जरूरत नहीं पड़ेगी।
कंपनी के अनुसार पीटी-01 को एक पायलट के साथ 200 किलोग्राम तक पेलोड ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें एक मरीज, एक पैरामेडिक और आवश्यक चिकित्सा उपकरण आसानी से ले जाए जा सकते हैं। विमान में कई स्वतंत्र इलेक्ट्रिक प्रोपेलर लगाए गए हैं, जिससे किसी एक यूनिट में खराबी आने पर भी उड़ान की सुरक्षा बनी रहती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

