महाराष्ट्र में सूखे का संकटः सरकारी खर्च में 20 प्रतिशत कटौती
मुंबई. 18 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र में सूखे का सकंट गहराता जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने इस स्थिति को देखते हुए सरकारी खर्च में 20 प्रतिशत कटोती करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी विभागों को खर्च में कटौती करने के निर्देश दिए हैं।
वित्त विभाग ने भी विभागों को अपने खर्च की समीक्षा करने को कहा है। इसके तहत नई खरीद, विज्ञापन और गैरजरूरी विकास कार्यों पर खर्च सीमित किया जा सकता है। सड़क और सिंचाई परियोजनाओं में भी आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता देने की तैयारी है। हालांकि सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी 'लाडली बहन' योजना के लिए निर्धारित राशि में कटौती नहीं करने का रुख अपनाया है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। शिक्षा, स्वास्थ्य, छात्रवृत्ति और किसान कर्जमाफी के लिए आवश्यक धन भी सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है। हालांकि, सभी विभागों के बजट में समान कटौती होगी या केवल चुनिंदा खर्च सीमित किए जाएंगे, इस पर अंतिम निर्णय स्पष्ट होना बाकी है।
सूखे की स्थिति के कारण बढ़ती आर्थिक चुनौतियों का असर अब सरकारी खर्च पर पड़ने की संभावना है। राज्य की आय पर बढ़ते दबाव और सूखा राहत के लिए अतिरिक्त धन की जरूरत को देखते हुए फडणवीस सरकार ने विभिन्न विभागों के खर्च में 20 प्रतिशत कटौती की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले पांच हजार रुपये की अग्रिम सहायता देने की घोषणा की है। इसके लिए लगभग पांच से छह हजार करोड़ रुपये की जरूरत का अनुमान है। पेयजल और पशुओं के चारे की व्यवस्था के लिए भी अतिरिक्त धन की आवश्यकता है। सरकार का उद्देश्य गैरजरूरी खर्च घटाकर सूखा राहत के लिए धन उपलब्ध कराना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

