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महाराष्ट्र में सूखे का संकट, 10 प्रतिशत पानी कटौती का निर्देश

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मुंबई, 05 अक्टूर (हि.स.)। अल नीनो के असर की वजह से इस साल महाराष्ट्र में कम बारिश हुई है। इससे सूखे का संकट गहराता जा रहा है। संभावित सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए जल संसाधन विभाग ने झीलों में उपलब्ध पानी की हिसाब से जल प्रबंधन की योजना बनाई है। राज्य में 10 प्रतिशत पानी कटौती करने का निर्णय लिया गया है। यह जानकारी सोमवार को जल संसाधन मंत्री गिऱीश महाजन ने दी।

मंत्री महाजन के अनुसार राज्य में पानी के संसाधन सीमित हैं। संभावित सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए 31 अगस्त, 2027 तक बांध और इस्तेमाल के हिसाब से पानी की योजना बनाई गई है। राज्य के लोगों को पीने के पानी की कोई कमी न हो, पीने के पानी को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दी गई है। 16 अक्टूबर 2026 से सभी शहरी निकाय संस्थाओं में कम से कम 10% पानी कटौती करने के निर्देश दिए गए हैं।

मंत्री महाजन ने बताया कि राज्य की 265 तहसीलों में सूखा घोषित कर दिया गया है। अगले साल तक अल नीनो का असर रहने की संभावना को ध्यान में रखते हुए जल संसाधन विभाग ने सभी संबंधित एजेंसियों को पानी का कम इस्तेमाल और सख्त कदम उठाने के साफ आदेश दिए गए हैं।

पेयजल को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दी जाएगी और 10% आपातकाल बफर स्टॉक होगा। इवैपोरेशन, सिल्टेशन और बिना इजाज़त निकासी को ध्यान में रखते हुए पीने का पानी 31 अगस्त, 2027 तक रिजर्व किया जाएगा। इसके अलावा भविष्य की अनिश्चितताओं को ध्यान में रखते हुए हर बांध में 10% अतिरिक्त इमरजेंसी बफर स्टॉक रिजर्व किया जाएगा। यदि बहुत अधिक जरूरत पड़ी, तो तकनीकी निरीक्षण के बाद डेड स्टोरेज से भी पानी का इस्तेमाल किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार