महाराष्ट्र में गहराया सूखे का संकट
मुंबई, 19 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र में सूखे का संकट गहराता जा रहा है। राज्य के जलाशयों में गठता जलस्तर चिंता का विषय बन गया है। जल संसाधान विबाग से मिली जानकारी के अनुसार सूबे के जलाशयों में केवल 70.53 प्रतिशत पानी का स्टोरेज बचा है। पिछले साल इसी दिन यह स्टोरेज 90.74 फीसदी था। इस साल पानी के भंडारण में 20.21 प्रतिशत की कमी पाई गई है।
राज्य में सूखे का असर बढ़ने के संकेत मिलने लगे हैं। जहां राज्य के कई हिस्से सूखे की स्थिति का सामना कर रहे हैं, वहीं झीलों में घटता पानी का लेवल आने वाले समय में पानी की कमी की चिंता बढ़ा रहा है। छत्रपति संभाजीनगर विभाग में हालात गंभीर हैं। इस विभाग में इस्तेमाल करने लायक पानी का सिर्फ 41.84 प्रतिशत भंडारण है। पिछले साल इसी अवधि में यह 88.12 फीसदी था। राज्य में सबसे अधिक पानी का स्टोरेज कोंकण इलाके में 87.84 प्रतिशत है। हालांकि इस इलाके में भी पिछले साल के मुकाबले स्टोरेज कम हुआ है। क्योंकि छोटे प्रोजेक्ट्स में पानी का स्टोरेज सिर्फ़ 40.85 प्रतिशत है, इसलिए ग्रामीण इलाकों में पानी की सप्लाई और सिंचाई की समस्या आने वाले दिनों में गंभीर होने की संभावना है।
जल विशेषज्ञों का मानना है कि सूखे का संकट गहराने के साथ, मौजूद पानी की सावधानी से प्लानिंग करना ज़रूरी होगा। जलाशयों में जल भंडारण में कमी को देखते हुए, आने वाले दिनों में पेयजल, खेती और दूसरी जरूरतों के लिए पानी का प्रबंधन एक बड़ी चुनौती हो सकती है।
जलाशयों की स्थिति
- राज्य में कुल डैम परियोजनाएं: 3,033
- बड़ी परियोजनाएं: 138
- मध्यम परियोजनाएं: 264
- लघु परियोजनाएं : 2,631
- राज्य में कुल इस्तेमाल होने वाला पानी जमा: 70.53 प्रतिशत
- पिछले साल का पानी जमा: 90.74 प्रतिशत
- पिछले साल के मुकाबले कमी: 20.21 प्रतिशत
- वर्तमान में इस्तेमाल होने वाली जल भंडारण क्षमता: 40,826.07 मिलियन क्यूबिक मीटर
- वर्तमान इस्तेमाल होने वाला पानी जमा: 28,792.90 मिलियन क्यूबिक मीटर
जल भंडारण की स्थिति
- बड़े प्रोजेक्ट: 78.50 प्रतिशत
- मीडियम प्रोजेक्ट: 61.71 प्रतिशत
- छोटे प्रोजेक्ट: 40.85 प्रतिशत
• विभागवार जलभंडारण की स्थिति
- छत्रपति संभाजीनगर: 41.84 प्रतिशत
- अमरावती: 59.47 प्रतिशत
- नागपुर: 65.43 प्रतिशत
- नासिक: 78.88 प्रतिशत
- पुणे: 81.29 प्रतिशत
- कोंकण: 87.84 प्रतिशत
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

