महाराष्ट्र में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए डोमिसाइल सर्टिफिकेट होगा जरूरी, 1 अगस्त से होगा नियम लागू
मुंबई,07
जुलाई (हि.स.)। महाराष्ट्र में वाहन चालकों के लिए मराठी अनिवार्यता के साथ ही नया
फैसला लिया गया है। अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए महाराष्ट्र का डोमिसाइल
सर्टिपिकेट भी जरूरी होगा। यह नियम 1 अगस्त 2026 से लागू किया जाएगा। यह घोषणा
मंगलवार को विधानसभा में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने की।
सदन
में प्रश्नकाल के दौरान विधायक दिलीप लांडे व अन्य विधायकों द्वारा पूछे गए सवाल
के जवाब में मंत्री सरनाईक ने कहा कि नए ड्राइविंग लाइसेंस नियमों का प्रस्ताव मंजूरी
के लिए विधि व न्याय विभाग को भेजा गया है
और अनुमति मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा।साथ हीराज्य में चल रही बिना इजाजत वाली बाइक टैक्सी
सर्विस के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सरकार राज्य के लिए राजस्व जेनरेट करने और
युवाओं को रोजगार के मौके देने के लिए इस सेक्टर को नियमित करने की योजना बना रही है।
इस
नए नियम के तहतबाइक टैक्सी ड्राइवर हर दिन 5 रुपये का राजस्व इकट्ठा करेंगे। हर
सवारी के लिए 2 रुपये कल्याण कोष में जमा करना अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। यातायात
नियमों का उल्लंघन करने या गलत तरीके से वाहन चलाने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग द्वारा
सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।महाराष्ट्र बाइक टैक्सी नियमों में महिलाओं,
छात्रों और नाबालिग यात्रियों की सुरक्षा
के लिए विशेष प्रावधान हैं। एक बाइक टैक्सी चालक के पास मोटर वाहन अधिनियम,
1988 की धारा 3 के अनुसार एक वैध ड्राइविंग
लाइसेंस होना चाहिए। महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 4 के अनुसार एक सार्वजनिक सेवा
वाहन ड्राइविंग लाइसेंस (बैज) होना चाहिए। यह बैज जारी करने से पहले पुलिस विभाग द्वारा
आवेदक के चरित्र सत्यापन का भी प्रावधान है।
महाराष्ट्र
बाइक टैक्सी नियम, 2025
के अनुसारआवेदक
को निजी दोपहिया वाहनों द्वारा यात्रियों को परिवहन नहीं करना चाहिए। राज्य परिवहन
प्राधिकरण ने उबर इंडिया सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड, रोपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट
लिमिटेड (रैपिडो) और एनी टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (ओला) को मुंबई महानगर क्षेत्र
के लिए 30 दिनों के लिए अस्थायी लाइसेंस जारी करने की अनुमति दी। परिवहन विभाग ने बिना
इजाजत बाइक टैक्सी सर्विस को रोकने के लिए और सख्त कदम उठाए हैं।
राज्य के रीजनल और सब-रीजनल ट्रांसपोर्ट
ऑफिस के स्पीड स्क्वॉड बिना लाइसेंस के बाइक टैक्सी सर्विस चलाने वाले ड्राइवरों के
खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के दौरान 814 नियम तोड़ने
वाली वाहन मिले। इनमें से 151 गाड़ियां सीज़ की गईं और 14 केस दर्ज किए गए। इस कार्रवाई
में 16.25 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। अप्रैल 2026 से मई 2026 के दो महीनों
में 211 नियम तोड़ने वाली गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें से 66 गाड़ियां
सीज की गईं और 2.31 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
परिवहन
मंत्री सरनाईक ने कहा कि सरकार राज्य में बाइक टैक्सी सर्विस को कानूनी दायरे में लाकर
पैसेंजर सेफ्टी, ड्राइवर
रेगुलेशन, रेवेन्यू जेनरेशन और युवाओं
को रोजगार देने के सभी पहलुओं को हासिल करने के लिए एक कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी लागू
कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

